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अब जेट एयरवेज को खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं : अनिल अग्रवाल
अग्रवाल ने जारी बयान में कहा है कि वोल्कन ने जेट एयरवेज के लिए ईओआई इसलिए जमा किया था


नई दिल्ली: वेदांता रिसोर्सेज के प्रमुख अनिल अग्रवाल ने सोमवार को कहा कि  बंद पड़ी एयरलाइन जेट एयरवेज के खरीदने में अब उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। बता दें कि कर्ज में डूबी हुई जेट एयरवेज कंपनी का मामला दिवाला संहिता के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष विचाराधीन है। 

अनिल अग्रवाल की निवेश कंपनी वोल्कन इंवेस्टमेंट ने जेट एयरवेज को खरीदने के लिए रूचि पत्र ईओआई जमा किया था। पिछले 17 अप्रैल से बंद पड़ी जेट एयरलाइन के लिए बोली लगाने का आखिरी दिन 10 अगस्त, शनिवार था।  

जेट एयरवेज को खरीदने के लिए वोल्कन की ओर से रुचि पत्र जमा करने के बाद अग्रवाल ने एक जारी बयान में कहा कि जेट के लिए वोल्कन कंपनी ने जो रुचि पत्र जमा किया था। वह शुरुआती खोजबीन के आधार पर था, जिसकी आगे की जांच-पड़ताल और अन्य प्राथमिकताओं पर विचार करने के बाद मैंने इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।  

अग्रवाल ने जारी बयान में कहा है कि वोल्कन ने जेट एयरवेज के लिए ईओआई इसलिए जमा किया था, क्योंकि वह कंपनी और उद्योग के लिए कारोबारी परिदृश्य को समझना चाहती थी। वोल्कन के इस कदम के बाद अब जेट एयरलाइन की संपत्तियों को खरीदने की दौड़ में मात्र दो कंपनियां रह गई है।  जेट एयरवेज पर बैंकों के 8,400 करोड़ और कर्मचारियों के वेतन और विमान लीज पर देने वाली कंपनी के कुल मिलाकर दो हजार करोड़ रुपये बकाया है। जेट ने अपनी आखिरी उड़ान अमृतसर से मुंबई के लिए 17 अप्रैल को भरी थी।  


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