जिसके स्मरण में राम है वो दुखी नही होता है : पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज
पूज्य प्रेम भूषण जी महाराज


लखनऊ, बलरामपुर गार्डन में पिछले दो दिनों से चल रही श्रीरामकथा में आज भगवान श्रीराम की बाल लीला का बहुत ही शानदार वर्णन परमपूज्य प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से हुआ। 

भगवान की बाललीला पर अपनी कथा का प्राम्भ पूज्य महाराज जी ने बड़े ही सुंदर भजन से की। पूज्य महाराज जी ने कहा कि हम राम जी के , राम जी हमारे, मेरे तो प्राण प्यारे, सब भक्तन के रखवारे। 

एक और भजन गाते हुए पूज्य महाराज जी ने कहा कि 'घर -घर आनंद छायों अयोध्या नगरी में, कौशल्या सुख पायों आयोध्या नगरी में। पूज्य महाराज जी ने कहा कि भगवान के जन्म पर चक्रवती महाराज प्रसन्न है। अयोध्या आनंद के सागर में डूबी है क्योंकि अयोध्या में भगवान का आगमन हुआ है। इस मौके पर कैकयी ने एक और सुमित्रा ने दो पुत्रों को जन्म देकर आनंद को दो गुना कर दिया। पूज्य महाराज जी ने कहा कि वास्तव में आनंद के सागर मेरे राम ही है, वो सुख की राशि है। उन्होंने कहा कि जिसके स्मरण में राम है वो कभी दुखी नही हो सकता। पूज्य महाराज जी ने कहा कि भक्त का सारा निर्वाह स्वयं भगवान करते है। इसलिए सभी को मेरे राम का स्मरण करते रहना चाहिए। 

अपनी बात को और भी स्पष्ट करते हुए महाराज जी ने बहुत ही सुंदर भजन उपस्थित भक्तों के समक्ष गया। पूज्य महाराज जी ने कहा कि 'जिसकी लागी लगन भगवान में उसका दिया भी जलेगा तूफान में'। अर्थात जो मेरे भगवान की भक्ति में लीन है उसके तारणहार स्वयं मेरे राम है। इसलिए अगर कष्टों से पार लगना है तो मेरे राम की शरण ने । उनका भजन करे। उनका भजन ही हमारे जीवन की वास्तविक पूंजी है। उन्होंने कहा कि जब आप भगवान के भजन में होते है तो समय का पता ही नही होता है। उन्होंने कहा आप सभी आप सभी भजन है तभी तो यहां कथा में आये है जो भजन में नही होगा वो कथा में नही आयेगा।

भगवान के एक ऐसे ही एक प्रसंग का जिक्र करते हुए पूज्य महाराज जी ने कहा कि एक बार प्रभु श्रीराम सहित अपने चारों पुत्रो को नहलाकर दिव्य आभूषण पहनकर पालने में लेटा दिया और स्वयं कुलदेवता की पूजा करने लगी। और पूजा के बाद जब वो उठी तो देखा कि जिस बालक को वो पालने में लेटाकर आयी थी वो यहां भोग ग्रहण कर रहा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में ये भगवान का दर्शन था जो वो अपनी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान का दर्शन सभी चाहते हों पर क्या भगवान का दर्शन इतना सरल है। उन्होंने कहा कि जब भगवान का दर्शन मिलेगा तो हिसाब किताब भी और जब हिसाब किताब होगा तो वो जीवन की अंतिम स्थिति होगी इसलिए जिनकी जाने की तैयारी है वो ही भगवान के दर्शन की कामना करें क्योकि भगवान के दर्शन के बादिस जीवन मे कुछ भी शेष नही रहता।  

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