चंडीगढ़ : महिलाओं को 2 रुपये का सेनिटरी नैपकिन बनाना सिखा रहीं दो सहेलियां
सेनिटरी नैपकिन्स के एक पैकेट में 10 पैड्स होते हैं।


चंडीगढ़ : चंडीगढ़ के सेक्टर 27 में रहने वाली दो फ्रेंड्स जानवी सिंह (15 वर्ष) और लावाण्या जैन (17 वर्ष) ने 'स्टॉप द स्पॉट' कैंपेन शुरू किया है। इस कैंपेन के तहत दोनों महिलाओं को कम खर्च से घर पर हाइजीनिक सेनिटरी नैपकिन बनाना सिखा रही हैं। 

उन्होंने बताया कि स्लम में रहने वाले गरीब लोगों को उन्होंने सेनिटरी नैपकिन्स बांटने की सोची। उन लोगों ने अपनी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रितु नंदा से बात की और फिर दोनों को अपनी मां से 5000-5000 रुपये मिले। इन रुपयों से दोनों ने अपना कैंपेन शुरू किया। 

जानवी और लावण्या दोनों शहर के स्लम इलाकों में जाकर लोगों में जागरूकता फैलाती हैं। उन्होंने चंडीगढ़ और जालंधर में स्लम इलाके की महिलाओं को सेनिटरी नैपकिन्स बांटे। वहीं, उन लोगों ने जब अपनी घरेलू मेड से बात की तो हैरान रह गईं। 

काम करनेवाली महिलाओं ने उन्हें बताया कि पीरियड्स के दौरान उनकी तरह कई महिलाएं हैं जो गंदे कपड़े और कपड़े में राख भरकर प्रयोग करती हैं। उन लोगों को लगा कि यह महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। उन लोगों ने फैसला लिया कि वे ऐसे सेनिटरी नैपकिन्स बनाएंगी, जो कम लागत की हों। उनके एक पैड की लागत दो रुपये आती है। 

सेनिटरी नैपकिन्स के एक पैकेट में 10 पैड्स होते हैं। उन लोगों ने कहा कि वे अपना कैंपेन अब यहीं नहीं बंद करेंगी बल्कि इसे जारी रखेंगी। वे महिलाओं को पैड्स बांटने के साथ ही उन्हें बनाना भी सिखा रही हैं ताकि वे घर पर ही पैड्स बनाकर इनका इस्तेमाल कर सकें। 


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