हमें अपने इतिहास और धरोहरों पर गर्व होना चाहिए : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां कहा कि हमें अपने देश के इतिहास और उससे मिली धरोहरों पर गर्व करना चाहिए।


नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां कहा कि हमें अपने देश के इतिहास और उससे मिली धरोहरों पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि वह अपने आपपास के क्षेत्र के स्थानीय इतिहास को जानें।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के 24 तिलक मार्ग स्थित पुरातत्व विभाग की नई इमारत ‘धरोहर भवन’ का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा ने किया। इस दौरान श्री मोदी ने कहा कि आज़ाद होने के बाद से देश को एक ऐसी सोच ने जकड़ रखा है, जिन्हें देश की पुरातन धरोहर से कोई लगाव नहीं रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुरातत्व के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से बड़ा बदलाव हुआ है। ऐसे ही प्रयासों से अब यह माना जाने लगा है कि सरस्वती नदी काल्पनिक नदी नहीं थी। उन्होंने कहा कि एएसआई के लम्बे सतत प्रयासों से नई खोजें होती हैं जो हमें स्थानीय इतिहास की गहन जानकारी मुहैया कराती हैं।

उन्होंने कहा कि एएसआई ने अपने 150 वर्षों के इतिहास में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। श्री मोदी ने कहा कि स्थानीय इतिहास और धरोहर शिक्षा का हिस्सा होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पर्यटक गाइड के महत्व को भी रेखांकित किया।

एएसआई के नए मुख्यालय में कम ऊर्जा खपत वाली लाइटिंग व्यवस्था और वर्षा जल संचयन सहित अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इस भवन में एक केन्द्रीय पुरातत्व पुस्तकालय भी होगा, जिसमें लगभग 1.5 लाख पुस्तकों और पत्र-पत्रिकाओं का संग्रह होगा। पिछले साल दिसंबर में ही मुख्यालय स्थानांतरित हो चुका है। मुख्यालय पहले जनपथ रोड पर था। 40 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस इमारत का निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने किया है।


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