सर्पदंश से दो बच्चियों की मौत
दूसरी घटना सिकरौल थाना के ही बढ़ारी गांव की है।


बक्सर : जिले में दो अलग-अलग जगहों पर सर्पदंश से दो बच्चियों की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दों (पीएचसी) में एंटी स्नेक डोज का इंजेक्शन के अभाव में बच्चियों की मौत हुई है।

जानकारी के मुताबिक सिकरौल थाना के खरवनिया गांव निवासी शंभू यादव की पुत्री पम्मी कुमारी(13) को शनिवार रात सर्प ने डस लिया। परिजन उसे तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए जहां सर्पदंश का इंजेक्शन एन्टी एस्नेक डोज  डोज उपलब्ध नहीं था, जिसके बाद लम्बी दूरी तयकर प्रतापसागर मेथोडिस्ट अस्पताल पहुंचे लेकिन काफी देर होने से उसकी मौत हो गई।

दूसरी घटना सिकरौल थाना के ही बढ़ारी गांव की है। यहां उमाशंकर पाल की बारह वर्षीय पुत्री किरण कुमारी की मौत भी सर्पदंश से हुई। यहां भी परिजन बच्ची को पीएचसी लाए पर सर्पदंश के दवा के अभाव में इसे भी प्रताप सागर अस्पताल लाया गया जहां उसे भी नहीं बचाया जा सका।

एक ही रात आसपड़ोस के गांव में सर्पदंश की इन दो घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी में एंटी स्नेक डोज इंजेक्शन का अभाव है, जिसकी वजह से बच्चियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि बाढ़ के मौसम में सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के बीच स्वास्थ्य महकमें का दावा बेमानी है कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर एंटी-स्नेक डोज उपलब्द्ध है।



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