महिला आरक्षण बिल के बदले तीन तलाक-हलाला पर हमें सपोर्ट करें: राहुल गांधी से सरकार
महिला आरक्षण बिल के बदले तीन तलाक-हलाला पर हमें सपोर्ट करें: राहुल गांधी से सरकार
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नई दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक दिन पहले ही महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त के समर्थन देने की घोषणा की है. इसके जवाब में मंगलवार को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उन्हें पत्र लिखकर तीन तलाक और निकाह हलाला मामलों में कांग्रेस का समर्थन मांगा है.

प्रसाद ने लिखा, “एक 'नई डील' के तहत हम सभी को संसद को दोनों सदनों में महिला आरक्षण बिल को पास करना चाहिए. इसके साथ ही तीन तलाक के खिलाफ कानून भी पास करना चाहिए और निकाह हलाला को भी बैन करना चाहिए.”

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 1998 और 1999 में महिला आरक्षण बिल पेश किया था लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह बिल पास नहीं हो सका. गौरतलब है कि एनडीए सरकार ने 2002 में एक बार और 2003 में दो बार महिला आरक्षण बिल पेश किया, लेकिन बहुमत होने के बावजूद बिल पास नहीं करवाया जा सका.

हाल ही में कांग्रेस अध्‍यक्ष्‍ा राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी लिखी थी. राहुल ने चिट्ठी में लिखा था कि महिला आरक्षण बिल को आगामी मानसून सत्र में ही पास कराया जाए. राहुल ने पीएम से कहा कि लोकसभा में उनका बहुमत है, ऐसे में वे 2014 के अपने चुनावी घोषणापत्र के वादे को पूरा करें.

राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी रैलियों में महिलाओं के स‍शक्तिकरण की बात करते हैं. ऐसे में इस विधेयक को पास करने से बेहतर महिलाओं के हक में और क्‍या होगा. राहुल ने लिखा कि महिला आरक्षण विधेयक राज्‍यसभा में 2010 में ही पास हो गया था और उस वक्‍त बिल के पास होने को वर्तमान सरकार में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने एतिहासिक बताया था. ऐसे में इसे इस बार पास करांए जो कि लोकसभा में पिछले आठ साल से लटका हुआ है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को संबोधित चिट्ठी में लिखा था, 'जैसा कि आप जानते हैं कि महिला आरक्षण बिल 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पास किया गया, जो बीते 8 साल से वह लोकसभा में अटका हुआ है. जब यह बिल पास किया गया तो उस वक्त नेता विपक्ष अरुण जेटली जी ने उसे ऐतिहास और जरूरी बताया था.तब से कांग्रेस इस विधेयक के लिए प्रतिबद्ध है.'


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