टैग: mamtabenrgee#kolkata#paschimbengolcm
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली सर्वदलीय बैठक का ममता ने किया बहिष्कार, श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली


कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर दिया है। मंगलवार को उन्होंने एक चिट्ठी केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी के नाम लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि वह नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में "एक राष्ट्र, एक चुनाव" के मुद्दे पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगी। 


उन्होंने अपनी चिट्ठी में स्पष्ट किया है कि यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है और इतना कम समय के अन्दर इस पर किसी भी तरह का फैसला लेना या चर्चा करना सही नहीं होगा। इस मामले में श्वेत पत्र प्रकाशित करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार को इससे सम्बन्धित एक श्वेत पत्र प्रकाशित करना चाहिए ताकि सभी पार्टियों के प्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर पार्टी के शीर्ष नेताओं और चुनाव कानूनों से सम्बन्धित दक्ष लोगों की राय लेकर अपना रुख स्पष्ट कर सकें।

ममता ने आगे लिखा है कि इस मुद्दे पर न्याय करना है तो जरूरी है कि इस तरह की बैठक के लिए और अधिक समय दिया जाए। सविनय केन्द्र के आमंत्रण को अस्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात का भी जिक्र किया है कि इस साल पूरा देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती और आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इसलिए वह चाहती हैं कि केन्द्र सरकार ने जो चुनिंदा जिलों के विकास की कार्य योजना बनाई है उसे बदलकर सम्पूर्ण जिले के विकास की कार्ययोजना बनाई जाए। चिट्ठी में ममता ने स्पष्ट कर दिया है कि सर्वदलीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से जो फैसला लिया जाएगा वह मान्य होगा। इसलिए इस मामले में केंद्र सरकार को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। 

उल्लेखनीय है कि इसके पहले 15 जून को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में भी ममता बनर्जी नहीं गई थीं। हालांकि केंद्र सरकार की योजनाओं और बैठकों से उनके इस तरह से दूरी बनाने की चौतरफा आलोचना भी हो रही है।


अधिक देश की खबरें