पेट्रोल-डीजल होगा और महंगा, JP मॉर्गन की चेतावनी, होर्मुज संकट से जुलाई में क्रूड 160 डॉलर तक जा सकता है
सांकेतिक तस्वीर


नई दिल्ली: मई में लगातार 4 बार बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल-डीजल करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है। लेकिन ग्लोबल मार्केट से मिल रहे संकेत बता रहे हैं कि आगे कीमतें और बढ़ेंगी। जुलाई के बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है।

अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक JP मॉर्गन की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में इस्तेमाल लायक तेल का भंडार सिर्फ 80 करोड़ बैरल बचा है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य जून तक बंद रहा तो रोजाना 55 लाख बैरल तेल की कमी हो जाएगी। इससे जुलाई से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आएगा। 

JP मॉर्गन ने चेतावनी दी है कि अगर सितंबर तक होर्मुज नहीं खुला और ईरान-अमेरिका युद्ध का हल नहीं निकला, तो दुनिया में तेल की सप्लाई चेन टूट जाएगी। फिलहाल होर्मुज बंद होने से रोजाना 1 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई कम हो रही है, लेकिन कीमतें 100 डॉलर से नीचे हैं। इसकी वजह है कि देश अपने रिजर्व भंडार से तेल इस्तेमाल कर रहे हैं। 

गोल्डमैन सॉक्स ने भी कहा है कि बाजार को झूठे संकेत दिए जा रहे हैं। मई में ग्लोबल तेल भंडार से रोज 87 लाख बैरल निकाला गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जुलाई के बाद रिजर्व खत्म होने पर क्रूड 160 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। 

तेल कंपनी शेवरॉन के CEO माइक वर्थ ने कहा कि युद्ध की वजह से भंडार तेजी से घट रहा है। अगले 2 महीने बाद कीमतों में अचानक उछाल आएगा और बाजार इसे संभाल नहीं पाएगा। एक्सॉन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नील चैपमैन के मुताबिक, अभी संकट इसलिए कम दिख रहा है क्योंकि पश्चिमी देश भंडार का तेल इस्तेमाल कर रहे हैं। भंडार खत्म होते ही ग्लोबल इकनॉमी मंदी की ओर जा सकती है।

खाड़ी देशों की तेल कंपनियों का कहना है कि होर्मुज खुलने के बावजूद 2027 की दूसरी तिमाही से पहले स्थिति सामान्य नहीं होगी। भारत जैसे आयातक देशों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

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