चीन में ढाया जा रहा मुसलमानों पर जुल्म, Xi Jinping की सरकार ने शुरू किया है ये आतंक
कॉन्सेप्ट फोटो



रिपोर्ट :- वैभव तिवारी , लखनऊ

हम आये दिन चीन पर होने वाले मानवाधिकार के उलंघन की खबरे सुनते रहते है, चीन की कम्युनिस्ट सरकार, अपनी सत्ता को खतरे में देखते ही आक्रामक हो जाती है, और ऐसे में किसी भी प्रकार के धर्म का खड़ा होना कम्युनिस्ट सरकार को अपने लिए एक खतरे के संकेत के तौर पर नज़र आता रहा है, ऐसे में चीन की कम्युनिस्ट सरकार अपने वर्चस्व को कायम रखने के लिए, आये दिन इस्लाम को मानने वाले मुसलमानो पर जुल्म ढाया करती है, जिस बात से वहां पर रहने वाले सभी मुस्लिम एक डर और खौफ से भरी हुई ज़िंदगी जीते है।

 कैसे ढाया जाता है मुसलमानों पर जुल्म

ऐसे तो चीन के भीतर के एरिया में कई सारे धर्म पलते है, पर इस्लाम और मुसलमानों के प्रति चीन की नफरत, कुछ अलग तरह से ही नज़र आती है, बताते है, वहां के शिनजियांग इलाके के पास रहने वाले मुसलमान जिनको उइगर मुसलमान भी कहा जाता है, उनपर आये दिन जुल्म ढाते रहते है, जिसका बहाना वह आतंकवाद के नाम पर बताते है, यहां तक कि मुसलमानों को उनके अपने धर्म का पालन करने की भी अनुमति नही है, ऐसा करने पर उनको और उनके परिवार को डिटेंशन कैम्प में डाल दिया जाता है , जिसको पेशेवर प्रशिक्षण केंद्र भी बताया जाता है, जो वह दुनिया के आगे दिखाने के लिए बोलते है।

 Xi jinping की सरकार के आने से शुरू हुआ है ये मामला

2012 से जब से Xi jinping की कम्युनिस्ट सरकार सत्ता में चीन में आई है, तब से ही मुसलमानों पर ऐसा जुल्म ढाना शुरू हो गया है, देश की सुरक्षा का बहाना बता के, उनपर जुल्म होते है, और डिटेंशन कैम्प में डाल कर, सीधा सीधा human rights violation किया जाता है,  यहां तक कि मुसलमान को रोज़ा रखने और ईद मनाने की भी इजाज़त नही है, और मुसलमान दाढ़ी तक नही उगा सकते है।  और बताया गया है कि 2017 के बाद से अभी तक 20लाख मुसलमानों को कैद में रख चुकी है चीन की कम्युनिस्ट सरकार। 
हालांकि इस मामले में दुनिया के सभी बड़े मुस्लिम देश, इसके बारे में कोई सवाल नही उठाते है, और चीन को उसकी मनमानी करने देते है।



अधिक विदेश की खबरें