नई दिल्ली : होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर मार गिराने के बाद तनाव सैन्य टकराव में बदल गया। अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप पर रडार और एयर डिफेंस ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने जवाबी कार्रवाई का ऐलान कर दिया।
बहरीन-कुवैत-जॉर्डन: तीन देशों में अमेरिकी बेस निशाने पर
बहरीन: IRGC का दावा कि फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर तड़के 2:30 बजे ड्रोन-मिसाइल हमला। एक मिसाइल सीधे बेस पर गिरी। बहरीन में 16 से ज्यादा धमाके, सायरन बजे। अमेरिका ने बड़े नुकसान से इनकार किया।
कुवैत: अली अल सलेम एयरबेस पर ड्रोन हमले का दावा। कुवैती सेना ने एयर डिफेंस से हवाई लक्ष्यों को रोका। कई धमाकों की खबर। ईरान का आरोप कि यहां से उसके खिलाफ ऑपरेशन होते हैं।
जॉर्डन: ईरान से दागी 5 मिसाइलें अल-अजराक की तरफ आईं। जॉर्डन ने सभी को इंटरसेप्ट किया। मलबा जमीन पर गिरा, कोई नुकसान नहीं। अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर थे। जॉर्डन लंबे समय से अमेरिकी अभियानों का केंद्र है।
IRGC की चेतावनी: 21 ठिकाने टारगेट, और बड़ा होगा जवाब
IRGC ने कहा कि पूरे इलाके में अमेरिका के 21 एयर और नेवल बेस को निशाना बनाया। कम से कम 4 बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन दागे गए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खाड़ी छोड़ने की सलाह दी। चेतावनी दी कि और हमले हुए तो जवाब और बड़ा होगा। पूरे खाड़ी क्षेत्र में एयर डिफेंस एक्टिव।




