नई दिल्ली : बलोचिस्तान के अशांत इलाकों में सुरक्षा बलों और अलगाववादी गुटों के बीच संघर्ष अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है। बलोच लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने अपनी नई और पूरी तरह से संगठित महिला लड़ाकू यूनिट 'करीमा आर्म्ड असॉल्ट डिवीजन' (KAAD) का एक वीडियो जारी कर पाकिस्तानी सेना पर बड़े हमलों का दावा किया है। संगठन के मुताबिक, अलग-अलग इलाकों में चलाए गए दो विशेष अभियानों में पाकिस्तानी सेना के कम से कम 9 जवान मारे गए हैं और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
CPEC रूट पर काफिले को बनाया निशाना जारी किए गए वीडियो फुटेज में तुरबत के जोसाक इलाके से गुजरने वाली रणनीतिक रूप से अहम CPEC सड़क पर पाकिस्तानी सेना की क्विक रिएक्शन फोर्स (QRF) के काफिले पर हमले की तस्वीरें शामिल हैं। वीडियो में एक महिला कमांडर लड़ाकों को हमले की रणनीति समझाती दिख रही है, जिसके तुरंत बाद लड़ाके सेना के वाहनों पर करीब से गोलीबारी करते नजर आ रहे हैं। संगठन के अनुसार, इसका दूसरा ऑपरेशन कलात जिले के मंगोचर क्षेत्र में अंजाम दिया गया।
सड़कों पर वाहनों की तलाशी ले रहीं महिला लड़ाके जारी क्लिप में केवल हमले ही नहीं, बल्कि KAAD की कड़े प्रशिक्षण और ऑपरेशन्स के दृश्य भी दिखाए गए हैं। कलात के मंगोचर इलाके के एक अन्य वीडियो में हथियारबंद महिला लड़ाके सड़कों पर वाहनों को रोककर उनकी चेकिंग करती दिखाई दे रही हैं। BLF का कहना है कि यह यूनिट कई वर्षों की ट्रेनिंग के बाद तैयार की गई है और अब यह सेना के खिलाफ फ्रंटलाइन ऑपरेशन्स में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
हमलों पर पाक सेना की खामोशी दूसरी ओर, इन दावों और वीडियो फुटेज की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तानी सेना या सरकार की ओर से इस हमले और सैनिकों की मौत को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बलोचिस्तान में महिला ब्रिगेड का प्रचार करना अलगाववादी संगठनों की एक नई रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, क्षेत्र में मीडिया की सीमित पहुंच के कारण दोनों ओर से किए जा रहे दावों की जमीनी हकीकत का सही आंकलन करना मुश्किल बना हुआ है।




