आर्कटिक में बढ़ा तनाव: 96 मिसाइलों से लैस अमेरिकी युद्धपोत 'यूएसएस टेड स्टीवंस' अलास्का पहुंचा, रूस अलर्ट
आर्कटिक और बेरिंग स्ट्रेट के आसपास अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच अमरीकी नौसेना ने क्षेत्र में अपनी ताकत का नया प्रदर्शन किया है।


अलास्का (व्हिटियर): आर्कटिक और बेरिंग स्ट्रेट के आसपास अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच अमरीकी नौसेना ने क्षेत्र में अपनी ताकत का नया प्रदर्शन किया है। अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस टेड स्टीवंस (DDG-128) अलास्का के व्हिटियर बंदरगाह पर पहुंच चुका है। आर्ले बर्क-क्लास (Flight III) का यह नया और उन्नत युद्धपोत 3 अक्टूबर 2026 को औपचारिक रूप से अमेरिकी नौसेना में शामिल (Commission) किया जाएगा।

96 मिसाइलों और एडवांस रडार से लैस 'तैरता किला'

यूएसएस टेड स्टीवंस आधुनिक नौसैनिक तकनीक का बेजोड़ नमूना है। इस युद्धपोत की प्रमुख विशेषताएं इसे अत्यधिक घातक बनाती हैं:

AN/SPY-6(V)1 एयर एंड मिसाइल डिफेंस रडार: यह रडार हवा में बेहद दूर से आ रहे खतरों, स्टील्थ विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों को ट्रैक करने में सक्षम है।

एजिस बेसलाइन 10 कॉम्बैट सिस्टम: विभिन्न सेंसरों से प्राप्त डेटा को एक साथ जोड़कर युद्ध की स्थिति में तत्काल सटीक फैसला लेने की क्षमता प्रदान करता है।

96 MK-41 वर्टिकल लॉन्च सेल्स: इस वॉरशिप में 96 मिसाइल लॉन्चिंग सेल्स हैं, जिनसे टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें और स्टैंडर्ड मिसाइल (SM) सीरीज़ की मिसाइलें दागी जा सकती हैं।

रूस के सुदूर-पूर्व पर नजर, लेकिन रणनीतिक सीमाएं भी तय

अलास्का का बेरिंग स्ट्रेट इलाका सीधे रूस के चुकची पेनिनसुला और फार-ईस्ट रीजन (सुदूर-पूर्व) से सटा हुआ है। ऐसे में इस आधुनिक युद्धपोत की मौजूदगी रूस की पूर्वी सीमाओं की निगरानी के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।

हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तैनाती रूस के खिलाफ किसी तात्कालिक हमले का हिस्सा नहीं है। रूस का मुख्य आर्कटिक सैन्य ढांचा और नॉर्दर्न फ्लीट 'कोला पेनिनसुला' में स्थित है, जो बेरिंग स्ट्रेट से काफी दूर है। नौसेना अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक कमिशनिंग के बाद इस जहाज का मुख्य होमपोर्ट नॉरफोक (वर्जीनिया) रहेगा, यानी अलास्का में इसकी मौजूदगी को स्थायी तैनाती नहीं माना जा सकता।

पूर्व सीनेटर टेड स्टीवंस के नाम पर सम्मान
इस युद्धपोत का नाम अलास्का से लंबे समय तक अमेरिकी सीनेटर रहे दिवंगत टेड स्टीवंस के नाम पर रखा गया है। यह उनके नाम पर बना पहला अमेरिकी युद्धपोत है। पुराने मॉडलों की तुलना में इस आर्ले बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर में ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता, नए कूलिंग सिस्टम और बेहतर एयर डिफेंस क्षमताएं जोड़ी गई हैं, जो आर्कटिक के अत्यधिक ठंडे वातावरण में भी युद्धपोत को पूरी क्षमता से संचालित होने में मदद करती हैं।

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