तांबे के बर्तन में पानी पीने से फायदे के साथ होता है नुकसान
कांसेप्ट फोटो


सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है लेकिन ये आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। आईए जानते हैं कैसे..?

तांबे के बर्तन में पानी पीने से पाचन क्रिया तो सही रहती है। साथ ही आप कई बीमारियों से दूर भी रहते हैं। 

बीमारियां दूर रहती हैं

तांबा पानी के साथ रासयनिक प्रतिक्रिया करता है। इस दौरान इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेंटरी और कैंसररोधी प्रॉपर्टीज उत्पन्न होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण तांबे के बर्तन में रखा पानी कई तरह की बीमारियों को दूर रखता है।

घाव भरने के लिए

एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेंटरी गुणों से भरपूर तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर के आंतरिक और बाहरी घावों को जल्दी भरता है। इस बर्तन में रखे पानी के सेवन से थाइरॉयड ग्रंथि के स्राव संतुलित रहता है। यह पानी अर्थराइटिस दर्द में भी बेहद लाभकारी है।

उपयोग के दौरान सावधानियां

तांबे के बर्तन के इस्तेमाल के दौरान अक्सर लोग एक गलती करते हैं। इस बर्तन से होने वाले लाभ को देखते हुए कई घरों में इसका उपयोग होता है, लेकिन एक बात को हमेशा याद रखें कि इस बरतन को कभी भी जमीन पर न रखें वरना आपको इसका कोई भी लाभ नहीं मिलेगा।

सफाई पर ध्यान

तांबे से बने बर्तनों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस बर्तन के अंदर वाले हिस्सों में कॉपर ऑक्साइड की परत (हरे रंग की) जमने लगती है, इसलिए अंदरूनी तले को अच्छे से साफ करें। तांबे के बर्तन में पानी रखने पर जो रासायनिक क्रिया होती है उसी वजह से कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।

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