कोरोना का कहर: केंद्र सरकार का टैक्स राजस्व 24 फीसदी घटा, 8.7 लाख करोड़ का राजकोषीय घाटा
पूरे विश्व में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. इस महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था काफी गड़बड़ा गई है. जिसका सीधा असर GDP में पड़ा है.


लखनऊ: पूरे विश्व में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है. इस महामारी की वजह से देश की अर्थव्यवस्था काफी गड़बड़ा गई है. जिसका सीधा असर GDP में पड़ा है. आपको बता दें कॉरपोरेट टैक्स और केंद्रीय जीएसटी संग्रह में भारी गिरावट आई है. लॉकडाउन के बाद अप्रैल से अगस्त 2020 के बीच राजकोषीय घाटा बढ़कर 8.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि इस दौरान एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन में 32 फीसदी की अच्छी बढ़त हुई है. राजकोषीय घाटा सरकार के बजट अनुमान 7.96 लाख करोड़ रुपये से भी 109 फीसदी ज्यादा है.


कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में आई भारी गिरावट 

आपको बता दें इस वित्त वर्ष में अप्रैल से अगस्त तक के पांच महीनों में सकल कर संग्रह 5.04 लाख करोड़ रुपये का ही रहा जो पिछले साल की समान अवधि में हुए 6.6 लाख करोड़ के मुकाबले महज 76 फीसदी है, यानी इसमें 24 फीसदी की गिरावट आई है. कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 64,715 करोड़ रुपये का हुआ, जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले (1.11 लाख करोड़ रुपये) 58 फीसदी कम है. 

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