तेहरान : ईरान में खामेनेई शासन बुरे दौर का सामना कर रहा है. पिछले साल जून में ट्रंप की एयस्ट्राइक, इसके बाद पूरे देश में हिंसक विद्रोह ने उन्हें कमजोर कर दिया. हालांकि, ये सारा बवाल ईरान के सुप्रीम लीडर को जगह से हिला नहीं पाया. ट्रंप ने भूल गए कि खामेनेई की ताकत कुर्सी में नहीं बल्कि उनकी सत्ता के पीछे खड़े लोगों में है जो बेहद पावरफुल हैं. इन्हीं लोगों में से एक है सुप्रीम लीडर का वो ‘काबिल बेटा’ जो सत्ता का रिमोट अपने हाथ में रखता है. आगे जानें कौन है खामेनेई की वो औलाद जिसके कंधों पर टिका है ईरान का शासन?
कौन है खामेनेई का ‘काबिल बेटा’?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे, मोजतबा खामेनेई, इस समय मध्य-पूर्व की राजनीति के सबसे रहस्यमयी और शक्तिशाली किरदारों में से एक माने जा रहे हैं. 2026 के बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच, मोजतबा का नाम अब केवल ‘सुप्रीम लीडर के बेटे’ के तौर पर नहीं, बल्कि उनके संभावित उत्तराधिकारी के रूप में चर्चित है.
सत्ता का ‘रिमोट कंट्रोल’: मोजतबा के पास आधिकारिक तौर पर सरकार में कोई पद नहीं है, लेकिन उन्हें ईरान का शैडौ शासक कहा जाता है. माना जाता है कि ईरान की सबसे शक्तिशाली सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और खुफिया तंत्र पर उनका पूरा कंट्रोल है.
उत्तराधिकार की रेस में सबसे आगे: मई 2024 में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु के बाद, मोजतबा खामेनेई को अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में सबसे प्रबल दावेदार माना जाने लगा है. हालांकि ईरान में ‘वंशवाद’ का विरोध होता रहा है, लेकिन कुर्सी के पीछे रहकर मोजतबा अपनी जगह बन रहे हैं.
ईरान के ‘किंगमेकर’: 2005 और 2009 के ईरानी राष्ट्रपति चुनावों में मोजतबा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है. कहा जाता है कि महमूद अहमदीनेजाद को सत्ता तक पहुंचाने में उनका बड़ा हाथ था. 2009 के विवादित चुनावों के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भी उनका नाम प्रमुखता से उछला था.
धार्मिक और सैन्य प्रशिक्षण: मोजतबा केवल एक राजनेता नहीं हैं, बल्कि वे एक उच्च शिक्षित धर्मगुरु यानी मुजतहिद भी हैं और कुम के धार्मिक मदरसे में पढ़ाते हैं. इसके साथ ही, 1980 के दशक में हुए ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने अग्रिम मोर्चे पर एक सैनिक के रूप में अनुभव भी प्राप्त किया है.
सीमित सार्वजनिक जीवन: मोजतबा बहुत कम सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई देते हैं और शायद ही कभी मीडिया से बात करते हैं. उनकी यह ‘रहस्यमयी कार्यशैली’ उन्हें ईरान के अन्य नेताओं से अलग और अधिक प्रभावशाली बनाती है.
सीधे नहीं बोले लेकिन ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया सिस्टम
ईरान में वंशवाद का विरोध होता है, ऐसे में मोजतबा खामेनेई का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ उनके पिता के बाद उन्हें सर्वोच्च नेता के रूप में स्वीकार करती है या नहीं. 2026 में ईरान की बढ़ती अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय तनावों के बीच, मोजतबा का अगला कदम पूरी दुनिया की भू-राजनीति को प्रभावित कर सकता है.
अमेरिका-ईरान के मौजूदा संघर्ष में मोजतबा खामेनेई ने ट्रंप के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और रणनीतिक मोर्चा खोल दिया है. 2026 की ताजा घटनाओं के अनुसार, मोजतबा को अब न केवल पर्दे के पीछे का खिलाड़ी, बल्कि सीधे तौर पर ट्रंप को चुनौती देने वाले नेता के रूप में देखा जा रहा है. मोजतबा IRGC कमांडरों और सुरक्षा तंत्रों के जरिए अपनी बात कहते हैं, उन्होंने सीधे तौर पर कभी ना कोई बयान दिया है और ना ही उनका कोई इंटरव्यू सामने आया है.




