यूरोपीय यूनियन का बड़ा एक्शन, रूस से कारोबार करने वाली 50 कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
काजा कल्लास (File Photo)


नई दिल्ली : यूरोपीय यूनियन (EU) ने रूस के खिलाफ अपने 21वें प्रतिबंध पैकेज का ऐलान करते हुए भारत, चीन, तुर्की, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों की 50 कंपनियों को निशाने पर लिया है। EU का आरोप है कि ये कंपनियां रूस की सैन्य गतिविधियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कारोबार में सहयोग कर रही हैं। ऐसे में इन पर नए एक्सपोर्ट कंट्रोल और व्यापारिक प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।


EU की विदेश मामलों की प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि इन प्रतिबंधों का उद्देश्य रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और यूक्रेन में जारी सैन्य अभियान को वित्तीय मदद मिलने से रोकना है। नई सूची में ड्रोन निर्माण से जुड़ी 30 से अधिक कंपनियों को भी शामिल किया गया है, जबकि रूस की सैन्य-औद्योगिक व्यवस्था को समर्थन देने वाले संस्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी।


प्रस्तावित प्रतिबंध पैकेज के तहत करीब 90 बैंकों की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। इसके अलावा रूस और अन्य देशों के 30 से अधिक बैंकों के साथ लेनदेन पर रोक लगाने तथा 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म्स पर ट्रांजैक्शन बैन लगाने की तैयारी है। EU रूसी तेल से होने वाली कमाई को कम करने के लिए तेल मूल्य सीमा (Price Cap) को और सख्त करने पर भी विचार कर रहा है।


इसके साथ ही निकेल पाउडर, विशेष धातुओं, हाई-परफॉर्मेंस मिश्रधातुओं, ऑटो पार्ट्स, कीमती धातुओं के अयस्क और कुछ रासायनिक उत्पादों के निर्यात-आयात पर भी नए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि यह रूस पर अब तक के सबसे बड़े आर्थिक दबावों में से एक हो सकता है।


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