तमिलनाडु में कितने केस आए? तमिलनाडु के जनस्वास्थ्य और रोग निवारण विभाग DPH के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक राज्य में 335 लोगों में कोविड-19 की पुष्टि हुई है। राहत की बात ये है कि सभी केस अस्पतालों में की जा रही रूटीन निगरानी के दौरान पकड़े गए।
तुलना करें तो 2024 में 990 और 2025 में 1,250 केस दर्ज हुए थे। यानी संख्या पिछले सालों से कम ही है।
आंध्र में 2 मौतें, पर वजह क्या थी? मीडिया रिपोर्ट्स में आंध्र प्रदेश के दो मरीजों की मौत की खबर से हलचल मची।
- 52 साल के मरीज: वेल्लूर के निजी अस्पताल में लाए गए थे। उन्हें डायबिटीज और किडनी की गंभीर बीमारी थी। क्लेबसिएला निमोनिया बैक्टीरिया के साथ कोरोना भी था। ARDS यानी सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हुई।
- 68 साल के मरीज: वेल्लूर में ही कोलन कैंसर का इलाज करा रहे थे। रूटीन टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव आए, पर मौत की वजह कैंसर माना गया।
इसके अलावा कडप्पा में एक 46 वर्षीय व्यक्ति की मौत की खबर है, जिसकी जांच आंध्र का स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
क्यों नहीं लगा 'खतरे' का अलार्म? तमिलनाडु सरकार ने बताया कि IDSP यानी एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के तहत कोरोना टेस्ट नियमित चलते हैं। बड़ी सर्जरी से पहले या सांस की गंभीर बीमारी वाले मरीजों का रूटीन कोविड टेस्ट किया जाता है। इसी प्रक्रिया में ये 335 केस मिले हैं।
पुणे के NIV में हुए होल जीनोम सीक्वेंसिंग WGS टेस्ट में सामने आया कि अभी एक्टिव वेरिएंट बेहद कमजोर है। लक्षण मामूली हैं और समाज में इसका फैलाव निचले स्तर पर है। कोई खतरनाक या नया घातक वेरिएंट नहीं मिला है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह क्या है? सरकार ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को मास्क और भीड़भाड़ से बचने जैसी सामान्य सावधानी बरतने को कहा है।
DPH ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पैनिक न करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।




