गोल्ड की रेस में आखिरी तक लड़ीं ज्ञानेश्वरी यादव, सिल्वर जीतकर रचा इतिहास; CWG 2026 में भारत का 5वां पदक
ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाकर न सिर्फ देश को गेम्स में 5वां मेडल दिलाया.


नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से भारत के लिए एक और बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। देश की 22 वर्षीय युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने अपनी ताकत और क्लास का जलवा बिखेरते हुए भारत की झोली में रजत पदक (Silver Medal) डाल दिया है।

महिलाओं के 53 किग्रा भारवर्ग में उतरीं ज्ञानेश्वरी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाकर न सिर्फ देश को गेम्स में 5वां मेडल दिलाया, बल्कि दो नए नेशनल रिकॉर्ड बनाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।

परफेक्ट स्नैच: 3 प्रयास, तीनों में धमाकेदार सफलता
मुकाबले की शुरुआत से ही ज्ञानेश्वरी गजब के आत्मविश्वास में नजर आईं। स्नैच राउंड में उन्होंने विरोधी एथलीटों को संभलने का मौका तक नहीं दिया:

पहला प्रयास: 82 किग्रा (सफल)

दूसरा प्रयास: 85 किग्रा (सफल)

तीसरा प्रयास: 88 किग्रा (सफल)

88 किग्रा का भार उठाने के बाद ज्ञानेश्वरी ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए फ्लाइंग किस देकर अपनी खुशी जाहिर की।

क्लीन एंड जर्क: बनाया नया राष्ट्रीय कीर्तिमान
असली ड्रामा और रोमांच क्लीन एंड जर्क राउंड में देखने को मिला। ज्ञानेश्वरी ने रणनीति के तहत धीरे-धीरे वजन बढ़ाया:

103 किग्रा उठाकर कुल स्कोर 191 किग्रा किया।

107 किग्रा के साथ कुल स्कोर 195 किग्रा पहुंचाया।

अंतिम प्रयास (111 किग्रा): इस करो या मरो के मौके पर ज्ञानेश्वरी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और 111 किग्रा की ऐतिहासिक लिफ्ट पूरी की।

इसके साथ ही उनका कुल स्कोर 199 किग्रा हो गया। यह उनका करियर बेस्ट प्रदर्शन तो रहा ही, साथ ही क्लीन एंड जर्क (111 किग्रा) और कुल वजन (199 किग्रा) दोनों में नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बन गया।

नाइजीरियाई लिफ्टर से मिला कड़ा मुकाबला
गोल्ड मेडल की रेस बेहद रोमांचक रही। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने 206 किग्रा (स्नैच: 93 किग्रा + क्लीन एंड जर्क: 113 किग्रा) का नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। ज्ञानेश्वरी ने उन्हें आखिरी लिफ्ट तक कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंत में उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

भारत का मेडल कार्ड: 'पंच' पूरा!
ज्ञानेश्वरी यादव की इस शानदार उपलब्धि के साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 5 पहुंच गई है:

 स्वर्ण पदक: 1

 रजत पदक: 3

 कांस्य पदक: 1

 कुल पदक: 5

ज्ञानेश्वरी का यह ऐतिहासिक प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारतीय वेटलिफ्टिंग का भविष्य बेहद सुरक्षित और चमकदार हाथों में है!

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