नई दिल्ली : स्पेन और मोरक्को के बीच सीमा विवाद ने एक बेहद गंभीर और खतरनाक रूप ले लिया है। अफ्रीका महाद्वीप के उत्तर में स्थित स्पेन का छोटा सा शहर स्यूटा इस वक्त भीषण मानवीय और प्रशासनिक संकट का सामना कर रहा है। मात्र 84 हजार की आबादी वाले इस शहर में अचानक पड़ोसी देश मोरक्को से लगभग 60 हजार अवैध घुसपैठिए दाखिल हो गए। इसके चलते शहर में अचानक प्रवासियों की संख्या कुल आबादी के 70 प्रतिशत से भी अधिक हो गई, जिससे पूरी व्यवस्था ठप पड़ गई है।
तैरकर और ट्यूब्स के सहारे बॉर्डर पार करने की होड़
स्यूटा में घुसने के लिए लोगों ने अपनी जान जोखिम में डाल दी। कोई समुद्र में तैरकर, कोई फ्लोटिंग ट्यूब्स के सहारे, तो कोई पुरानी नावों पर सवार होकर सीमा पार करने की कोशिश करता दिखा। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि स्पेन सरकार को शहर में तुरंत सेना तैनात करनी पड़ी। सुरक्षा बलों ने प्रवासियों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग भी की। इस पूरी तनातनी और झड़पों के दौरान अब तक 67 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है।
सुरक्षा के लिए नया ब्लॉकर बैरियर और मानवीय संकट
स्पेन सरकार ने शनिवार को बड़ा कदम उठाते हुए समुद्र की ओर जाने वाली सीमा पर एक नया 'ब्लॉकर बैरियर' लगाने का ऐलान किया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक 37 हजार लोग खुद ही मोरक्को वापस लौट चुके हैं, लेकिन हजारों लोग अभी भी सड़कों और फुटपाथों पर रहने को मजबूर हैं। इनमें लगभग 7,000 बेबस बच्चे और नाबालिग भी शामिल हैं, जिन्हें लेकर दुनियाभर में चिंता जताई जा रही है।
अफवाह और सुप्रीम कोर्ट का फैसला
भौगोलिक रूप से स्यूटा शहर चारों तरफ से मोरक्को से घिरा है, लेकिन यहाँ शासन स्पेन यानी यूरोपीय संघ का चलता है। स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया था कि स्यूटा पहुँचने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना सुनवाई के तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा। इस फैसले के बाद अफवाह फैल गई कि सीमा खुल गई है, जिससे हजारों की बेकाबू भीड़ ने बॉर्डर पर धावा बोल दिया।




