गाजियाबाद: 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी न होने से आक्रोशित बैंक कर्मचारियों ने शुक्रवार को देशभर में एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर गाजियाबाद के नवयुग मार्केट में एकत्रित सैकड़ों बैंक कर्मियों और अधिकारियों ने केंद्र सरकार और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी लंबित मांगों को दोहराया.
2023 के समझौते पर अमल न होने से नाराजगी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2023 में ही 5-Day बैंकिंग की सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी इसे धरातल पर लागू नहीं किया गया. यूनियनों और सरकार के बीच बैठकों का दौर जारी रहा, लेकिन ठोस फैसला न आने पर कर्मचारियों को सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ा.
PLI व्यवस्था में भेदभाव खत्म करने की पुरजोर मांग इस हड़ताल में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) का मुद्दा भी गरमाया रहा. बैंक प्रतिनिधियों ने साफ कहा कि इंसेंटिव वितरण में उच्च अधिकारियों और आम कर्मचारियों के बीच दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. द्विपक्षीय समझौते के आधार पर सभी को समान व निष्पक्ष प्रोत्साहन मिलना चाहिए.
3 दिनों तक प्रभावित रहेंगी शाखाएं, डिजिटल बैंकिंग बनी सहारा शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने से बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन बंद रहेंगी, जिससे चेक क्लीयरेंस और शाखा स्तर के लेनदेन पर असर पड़ेगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि मोबाइल बैंकिंग, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं.
सितंबर में 3 दिन की हड़ताल का अल्टीमेटम UFBU ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी. स्थिति न सुधरने पर बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे.




