सेना को जल्द मिलेगी DRDO द्वारा विकसित देश की पहली मशीन पिस्टल 
स्वदेशी मशीन पिस्तौल ASMI


नई दिल्ली : भारत अपने को मजबूत करने के लिए स्वदेशी हथियारों पर जोर ज्यादा दे रहा है और नए-नए उपकरणों को विकसित करने में जुटा है. इसी बीच रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने देश की पहली स्वदेशी मशीन पिस्तौल ASMI (Machine Pistol ASMI) को विकसित किया है. 

बता दें कि डीआरडीओ द्वारा भारतीय सेना की मदद से विकसित की गई पिस्तौल को रक्षा बलों में 9 मिमी पिस्तौल को बदलने के लिए तैयार किया गया है.

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ये मशीन पिस्तौल इजरायल की उजी श्रृंखला की तोपों में शामिल हैं. ये 100 मीटर की दूरी पर फायर करने में सक्षम है.

गौरतलब है इस मशीन पिस्टल ने अपने विकास के अंतिम चार महीनों में 300 से ज्यादा राउंड फायर किए हैं. भारत की पहली स्वदेशी मशीन पिस्टल एएसएमआई आज सेना के नवाचार प्रदर्शन कार्यक्रम में दिखाई है. ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही इसे भारतीय सेना को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाएगा.


अधिक राज्य/उत्तर प्रदेश की खबरें