यूपी : शीत लहर के कारण यूपी में 50 फीसदी बढ़ी शराब की बिक्री, डॉक्टरों ने कही ये बड़ी बात 
फाइल फोटो


लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों का घर से बहार निकलना मुश्किल कर दिया है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में शीतलहर ने लोगों का जीना हराम कर रखा है. लोगों ने शीतलहर की काट निकाल ली है और दिन से ही खूब जाम छलका रहे हैं. ठण्ड भगाने के लिए लोगों ने यही सस्ता और किफायती तरीका ढूंढा है.  

देश के अलग-अलग राज्यों में शीतलहर के इन दिनों में शराब की बिक्री इसी कारण अत्यधिक बढ़ जाती है है और राजस्व को एक तरीके अच्छा मुनाफा हो जाता है. इस साल अभी तक शराब की खपत 50 फीसदी तक बढ़ गयी है, लेकिन सवाल यह है क्या वाकई में शराब सर्दी भगाने में मदद करती है और शरीर पर इसका कोई बुरा असर नहीं पड़ता है?

इन दिनों शीतलहर के चलते शराब की बिक्री यूपी में जमकर बढ़ गई है. इस बारे में आबकारी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय भुसरेड्डी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल शराब का राजस्व पचास फीसदी ज्यादा आया है. 

ठंड के चलते शराब की खपत 50 फीसदी बढ़ी है. आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि सर्दी से लोग कैसे कैसे इंतजाम कर रहे हैं. आम दिनों में जहां 100 बोतलें बिकती थीं, वहीं आज की तारीख में 150 बोतलें प्रतिदिन बढ़ने लगे हैं. लेकिन यह भ्रम है कि शराब सर्दी भगाती है. उल्टा इस संदर्भ में भी इसका शरीर पर बुरा असर ही पड़ता है.

शराब दिमाग को सुस्त कर देती है
उत्‍तर प्रदेश के जाने माने मनोवैज्ञानिक और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मानसिक रोग विभाग के हेड रह चुके डॉ. एससी तिवारी ने कहा कि शराब दिमाग को सुस्त कर देती है. दिमाग का लेवल ऑफ एक्टिविटी थोड़ा कम हो जाता है. 

लखनऊ के ही फिजिशियन डॉ. आलोक संगम ने तो कहा कि मौसम चाहे कोई हो, शराब का उतना ही नुकसान होता है. शराब के शरीर में पहुंचने के साथ ही शरीर का मेटाबोलिज्म बढ़ जाता है. 



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