गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कोर्ट परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जिरह के दौरान वकीलों के दो पक्ष आपस में भिड़ गए. दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. इस दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची तो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया. पुलिस बल के प्रयोग के बाद न्यायालय परिसर में बनी चौकी को आग के हवाले कर दिया. सीआरपीएफ की भी तैनाती कर दी गई है. पुलिस प्रशासन हालातों पर काबू पाने में जुटा है. वहीं एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है.
गाजियाबाद जिला कोर्ट में जिला जज और वकीलों के बीच हुई तनातनी का मामले को लेकर मौजूद अधिवक्ता नाहर सिंह ने जिला जज अनिल कुमार पर बदतमीजी का आरोप लगाया है. नाहर सिंह ने जिला जज पर अभद्र भाषा के साथ-साथ धमकी देने का आरोप लगाया है. वहीं डीसीपी सिटी राजेश कुमार पर वकीलों के साथ मारपीट एवम लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया.
नाहर सिंह के मुताबिक पुलिस की इस बर्बरता में महिला अधिवक्ताओं सहित आधा दर्जन से अधिक अधिवक्ता चोटिल हो गए. गाजियाबाद जिला न्यायालय में हंगामे की खबर सुन मेरठ कोर्ट में भी बवाल शुरू हो गया है. वकीलों ने हंगामा कर दिया है. वकीलों ने कचहरी के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जबरदस्ती नारेबाजी की है. वहीं एहतियात के तौर पर मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. गाजियाबाद में कोर्ट में बवाल पर मेरठ के वकील भड़क गए हैं. मेरठ के थाना सिविल लाइन क्षेत्र के कचहरी रोड का मामला है.