आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खानपान और खराब लाइफस्टाइल ने डायबिटीज को एक आम समस्या बना दिया है। पहले यह बीमारी मुख्य रूप से बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा और बच्चे भी इसके शिकार हो रहे हैं।
डायबिटीज होने पर पैंक्रियाज इंसुलिन नामक हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। अगर समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह दिल, किडनी और नर्वस सिस्टम जैसी कई अहम अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए जानें त्वचा पर नजर आने वाले ऐसे कौन-से लक्षण (Diabetes Skin Symptoms) हैं जो डायबिटीज का संकेत देते हैं।
डायबिटीज और त्वचा का कनेक्शन
जब हमारे शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो यह न केवल हमारे अंगों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि स्किन सेल्स को भी प्रभावित करता है। हाई शुगर ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है, जिससे त्वचा को पर्याप्त पोषक तत्व और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता। इसके चलते, त्वचा ड्राई, इची और ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है।
डायबिटीज में त्वचा पर नजर आने वाले 5 लक्षण
गर्दन की त्वचा का काला पड़ना: डायबिटीज के मरीजों में अक्सर गर्दन की त्वचा काली पड़ने लगती है। यह स्थिति, जिसे एकैंथोसिस निग्रिकन्स के नाम से जानी जाती है, जो कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकती है।
त्वचा पर छाले होना: हाई शुगर लेवल के कारण त्वचा में छोटे-छोटे छाले हो सकते हैं। ये छाले आमतौर पर पैरों और हाथों पर दिखाई देते हैं। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसा है, तो इस लक्षण को अनदेखा करने की गलती न करें।
घाव भरने में समय लगना: डायबिटीज के मरीजों में छोटे से छोटे घाव भी भरने में ज्याजा समय लेते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हाई शुगर लेवल ब्लड फ्लो को कम कर देता है, जिससे घावों को भरने के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते।
त्वचा में खुजली होना: डायबिटीज के कारण त्वचा ड्राई और इची हो सकती है। यह खुजली पूरे शरीर में या किसी खास एरिया में हो सकती है। आंखों के नीचे सूजन: डायबिटीज से पीड़ित लोगों में आंखों के नीचे सूजन भी एक आम समस्या है। यह सूजन किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकती है, जो त्वचा पर डायबिटीज के लक्षणों में से एक है।
डायबिटीज को कंट्रोल करने के तरीके
- हेल्दी डाइट: बैलेंस डाइट लेना, जिसमें फाइबर और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स शामिल हों।
- रेगुलर एक्सरसाइज: नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से ब्लड शुगर को काबू रखने में मदद मिलती है।
- ब्लड शुगर का रेगुलर टेस्ट: अपने शुगर लेवल को नियमित रूप से जांचते रहें।