सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने फिर जोसेफ पर फैसला टाला
पिछले 2 मई को भी कॉलेजियम ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बैठक की थी।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने आज फिर अपनी बैठक में उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसेफ के नाम को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत करने की अनुशंसा केंद्र को भेजने पर फैसला टाल दिया है। कॉलेजियम की 16 मई को हुई बैठक में सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए बाकी नामों पर सहमति नहीं बनने की वजह से केएम जोसेफ का नाम भी नहीं भेजा गया। जल्द ही कॉलेजियम की दोबारा बैठक होने की उम्मीद है।

पिछले 11 मई को कॉलेजियम ने जस्टिस केएम जोसेफ के नाम की अनुशंसा दोबारा भेजने पर सहमति जताई थी। बैठक में फैसला किया गया था कि सभी नामों के साथ ही जस्टिस केएम जोसेफ का नाम भी भेजा जाएगा।

आपको बता दें कि कॉलेजियम के वरिष्ठ सदस्य जस्टिस चेलमेश्वर ने हाल ही में चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर मांग की थी कि जस्टिस कि एक दूसरे को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने के लिए दोबारा केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजा जाए। इसके बाद चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने आज कॉलेजियम की बैठक बुलाई है। कॉलेजियम के सदस्यों में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई , जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हैं। 

पिछले 2 मई को भी कॉलेजियम ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बैठक की थी। बैठक में कोलकाता हाई कोर्ट , आंध्र और तेलंगना हाई कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट से जजों के नाम सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए प्रस्तावित करने पर चर्चा हुई थी लेकिन कोई फैसला नहीं लिया जा सका। उसी बैठक में यह फैसला किया गया था कि कॉलेजियम एक सप्ताह के बाद बैठक करेगी और 4 नामों पर विचार करेगी।

आपको बता दें कि जस्टिस के एम जोसेफ के नाम पर केंद्र सरकार और कॉलेजियम के बीच टकराव की स्थिति आ गई है। कॉलेजियम ने जस्टिस के एम जोसेफ के नाम की अनुशंसा पिछले 10 जनवरी की बैठक में ही की थी। लेकिन सरकार ने जस्टिस के एम जोसेफ के नाम की अनुशंसा को करीब 3 महीने के बाद लौटा दिया। उसके बाद कॉलेजियम के सदस्यों ने सरकार को जस्टिस के एम जोसेफ का नाम दोबारा भेजने की वकालत की थी।


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