नई दिल्ली : रूस ने पाकिस्तान के एक अंग्रेजी अखबार की पक्षपात पूर्ण, रूस विरोधी और फेक रिपोर्टों पर सख्त आपत्ति जताई है. स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि पाकिस्तान में रूस के दूतावास ने पूरे मामले पर लंबी प्रतिक्रिया दी है. रूस के दूतावास ने कहा है कि वे पाकिस्तानी अवाम से आग्रह करते हैं कि वे दूसरे स्रोतों से जानकारी हासिल करें और ऐसे प्रकाशनों पर भरोसा न करें जो विदेशी प्रायोजकों के संदिग्ध हितों की के लिए काम करते हैं.
अपनी प्रतिक्रिया में पाकिस्तान में रूस के दूतावास ने कहा है कि हमने अंग्रेजी भाषा के पाकिस्तानी अखबार, द फ्रंटियर पोस्ट में प्रकाशित रूस-विरोधी लेखों की एक सीरीज पर ध्यान दिया है. सबसे पहले हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि इस अखबार को "पाकिस्तानी" कहना मुश्किल है, क्योंकि इसकी ग्लोबल समाचार सेवा का मुख्यालय वाशिंगटन में है. इस अखबार की 'अमेरिकी टीम' अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर लेखों के चयन के लिए जिम्मेदार है और हमेशा से रूस का विरोध करने वाले विश्लेषकों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आलोचकों को प्राथमिकता देती है.
पाकिस्तान में रूसी दूतावास ने कहा है कि हाल ही में अखबार के इंटरनेशनल सेक्शन में रूस या उसके नेतृत्व को सकारात्मक या तटस्थ रूप में पेश करने वाला एक भी लेख खोजना असंभव हो गया है. दूतावास कहता है कि हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संपादकीय बोर्ड के अलग अलग दृष्टिकोणों वाले लेखकों को प्रकाशित करने के अधिकार का सम्मान करते हैं. हालांकि इस अखबार में आजकल रूस-विरोधी लेखों की बाढ़ सी आ गई है. जिसमें सिर्फ पश्चिमी देशों के एजेंडे का प्रचार है और कोई वैकल्पिक दृष्टिकोण नहीं है. इससे हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि क्या संपादकीय बोर्ड की नीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बजाय रूस-विरोधी ताकतों द्वारा प्रचारित राजनीतिक एजेंडे पर आधारित है.
रूस ने 'द फ्रंटियर पोस्ट' के कवरेज प्लान की आलोचना की और कहा कि 7 अक्टूबर 2025 को अफगानिस्तान पर आयोजित मास्को प्रारूप परामर्श पर कोई भी कवरेज नहीं किया गया.
दूतावास ने कहा, "यह हैरान करने वाला है कि अखबार जो अफगानिस्तान के बारे में समाचारों के लिए एक पूरा सेक्शन समर्पित करता है, उसने मास्को प्रारूप परामर्श को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया."
अखबार ने कहा है कि जहां तक अखबार में रूस-विरोधी सिद्धांतों की बात है, संपादकीय स्टाफ में कोई मौलिकता नहीं दिखती, और वे बिना सोचे-समझे "कमजोर अर्थव्यवस्था", "प्रतिबंधों के प्रति संवेदनशीलता" और "पश्चिम की सैन्य श्रेष्ठता" जैसे स्टैंडर्ड पश्चिमी प्रचार की नकल करते हैं.
वाशिंगटन स्थित फ्रंटियर पोस्ट के पत्रकार तथ्यों से छेड़छाड़ करके रूस को आर्थिक पतन के कगार पर पहुंच चुके एक कमजोर देश के रूप में चित्रित करते हैं, जिससे नए पश्चिमी प्रतिबंधों को उचित ठहराया जा सके.
रूस का दूतावास कहा है कि किसी भी देश के इतिहास में अभूतपूर्व भारी बाहरी दबाव का सामना करने के बावजूद रूसी अर्थव्यवस्था ने लगातार प्रगति दिखाई है. 2024 में रूस की जीडीपी में 4.1% की वृद्धि हुई, इसमें कंस्ट्रक्शन जैसे कुछ क्षेत्रों में 8.5% तक की वृद्धि हुई. रूस की बेरोजगारी दर 2.5% है और 2025 के लिए औसत वार्षिक महंगाई दर 6.5 से लेकर 7 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है.
रूस के अनुसार सैन्य तकनीक क्षेत्र में उसकी सफलता किसी भी तरह से दुनिया के दूसरे अग्रणी देशों से कम नहीं है. रूस की ब्यूरवेस्टनिक असीमित-दूरी वाली क्रूज मिसाइल और पोसाइडन मानवरहित बहुउद्देशीय अंडरवाटर करियर का हालिया सफल परीक्षण बताता है कि मिलिट्री क्षेत्र में रूस पश्चिमी प्रभुत्व का जोरदार जवाब देता रहा है.
रूस के इन आरोपों पर अखबार द फ्रंटियर पोस्ट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. अखबार ने कहा है कि 'द फ्रंटियर पोस्ट' पर रूसी दूतावास के आरोप आश्चर्यजनक हैं. यह न केवल आधुनिक दुनिया में पत्रकारिता के कामकाज की पुरानी समझ को दर्शाता है, बल्कि उन स्वतंत्र रिपोर्टिंग के प्रति असहिष्णुता को भी दर्शाता है जो मॉस्को, वाशिंगटन या कहीं और शक्तिशाली सरकारों के हितों के अनुसार काम नहीं करती है.