नई दिल्ली : ईद-उल-फितर (21 मार्च) के मद्देनजर घोषित अस्थायी सीजफायर के बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अफगानिस्तान ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने कुनार प्रांत में अब तक 72 गोले दागे हैं, जबकि दोनों देश हाल ही में लड़ाई रोकने पर सहमत हुए थे.
कुनार के सूचना विभाग प्रमुख ज़िया-उर-रहमान स्पिन घर के मुताबिक, 35 गोले नराई जिले के डोकालाम, बारिकोट और सोंगालाई इलाकों में गिरे है. 37 गोले मनोगाई जिले के विभिन्न हिस्सों में दागे गए हैं. नराई जिले में अभी भी गोलाबारी जारी है. किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
अफगान पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान की सेना उन नागरिकों को निशाना बना रही है, जो अपने घरों को लौट रहे हैं. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव उस समय बढ़ा जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के मौके पर अस्थायी सीज़फ़ायर की घोषणा की थी.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने बताया था कि यह विराम 18/19 मार्च की आधी रात से 23/24 मार्च की आधी रात तक लागू रहेगा. उन्होंने यह भी साफ किया था कि यदि सीमा पार से कोई हमला होता है, तो सैन्य ऑपरेशन तुरंत शुरू कर दिया जाएगा.
इसके कुछ ही समय बाद अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भी घोषणा की थी कि अफगान सुरक्षा बल ईद के अवसर पर रक्षात्मक अभियानों को अस्थायी रूप से निलंबित करेंगे. उन्होंने ने भी चेतावनी दी कि किसी भी खतरे की स्थिति में जवाबी कार्रवाई होगी.
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब-लिल-हक' है, जिसे 26 फरवरी को शुरू किया गया था. पाकिस्तान का दावा है कि इस अभियान में अब तक 707 अफगान तालिबान कर्मी मारे गए हैं. इसके साथ ही करीब 938 लोग घायल हुए हैं.
पाकिस्तान का दावा है कि दक्षिण वजीरिस्तान में बड़ी कार्रवाई करते हुए तालिबान के कई ठिकानों को नष्ट किया गया है. उनका कहना है कि इस सैन्य दबाव के चलते उग्रवादियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा. इस दौरान आम लोगों के हताहत नहीं होने की बात कही गई है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि जिस जगह को निशाना बनाया गया, वह हथियारों का गोदाम था. वहां बड़े पैमाने पर ड्रोन भी रखे गए थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान लड़ाके आम लोगों जैसे कपड़े पहनकर हमले करते हैं.
इस वजह से लड़ाकों और आम लोगों के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है. पाकिस्तान ने यह भी दावा किया है कि उसने 225 चौकियों को नष्ट किया और 44 पर कब्जा कर लिया, जबकि 81 हवाई हमले भी किए गए. इस ऑपरेशन में कई सैनिक मारे गए हैं.




