लेखक की कलम से:क्यों महाराष्ट्र के हालात बन रहे हैं देश के लिए चिंता का कारण ?

कोरोना वायरस के महाराष्ट्र में नए मामलों की तेजी से बढ़ती रफ्तार डराने वाले और निराश जनक हैं । जब सारे देश में पहले की तुलना में कोरोना संक्रमित लोगों के मामले घट रहे हैं

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लेखक की कलम से: आजाद ने दिखाया अंसारी को आईना

लेखक की कलम से: आजाद ने दिखाया अंसारी को आईना

गुलाम नबी आजाद के राज्यसभा से रिटायर होने के अवसर पर दिए गए भावुक भाषण के बाद देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी शायद अपराधबोध के बोझ से दब गये हों। यह भी हो सकता है कि अंसारी को लग रहा हो कि उन्होंने भारत के मुसलमानों की स्थिति पर जो हाल के दौर में वक्तव्य दिए थे वे शायद सही नहीं थे।

11-Feb-2021

वैलेंटाइन डे वीक: गुलाब देकर बयां करें अपनी मोहब्ब, जानें किस दिन क्या दें तोहफा

वैलेंटाइन डे वीक: गुलाब देकर बयां करें अपनी मोहब्ब, जानें किस दिन क्या दें तोहफा

आज से फरवरी के उन दिनों की शुरुआत हो रही है जिसका प्रेमी जोड़ों को बेसब्री से इंतज़ार होता है मतलब वैलेंटाइन वीक

07-Feb-2021

लेखक की कलम से : ईरान के पाक पर हमले से क्या सीखे भारत

लेखक की कलम से : ईरान के पाक पर हमले से क्या सीखे भारत

ईरान ने पाकिस्तान में फिर से सर्जिकल स्ट्राइक किया है। इस हमले का नतीजा यह हुआ कि ईरान ने अपने कुछ अपह्त कर लिए गए नागरिकों को जैश उल अदल नाम के आतंकी संगठन के कब्जे से छुड़वा लिए। ईरान की यह सैन्य कार्रवाई विगत मंगलवार की रात को हुई।

06-Feb-2021

लेखक की कलम से : यूपी विधान सभा चुनाव तक खींचा जाएगा  ‘किसान आंदोलन’

लेखक की कलम से : यूपी विधान सभा चुनाव तक खींचा जाएगा ‘किसान आंदोलन’

मोदी सरकार द्वारा पास नया कृृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर चल रहा किसानों का धरना नित्य नये रंग बदल रहा है। कभी इसमें खालिस्तानियों की इंट्री हो जाती है तो कभी टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले अपना एजेंडा लेकर आ जाते हैं।

06-Feb-2021

लेखक की कलम से : तिरंगे के आगे बौने सब झंडे

लेखक की कलम से : तिरंगे के आगे बौने सब झंडे

गणतंत्र दिवस पर देश के कोने-कोने में जब भारत के सभी लोग, बच्चे, बूढ़े समेत तिरंगे के आगे लोग सलामी दे रहे थे तब राजधानी में तथाकथित प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह लाल किले में घुस गया और ठीक उस जगह पर निशान साहिब और किसान संगठनों के झंडे लगा दिए जहां, हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं।

27-Jan-2021

लेखक की कलम से : क्यों पर्दे के पीछे से पार्टी कमान संभाले हैं राहुल

लेखक की कलम से : क्यों पर्दे के पीछे से पार्टी कमान संभाले हैं राहुल

2019 लोकसभा चुनाव में कांगे्रस को मिली करारी हार के बाद पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने वाले राहुल गांधी एक बार फिर कांगे्रस की कमान संभालने के इच्छुक दिख रहे हैं। हांलाकि इस सवाल पर अभी कोई कांगे्रसी सार्वजनिक रूप से अपनी जुबान खोलने को तैयार नहीं है,लेकिन कांगे्रसियों की भाव भंगिमा यही बता रही है कि कांगे्रस के नये अध्यक्ष की खोज पूरी हो गई है।

26-Jan-2021

लेखक की कलम से : कोरोना पर विजय में भारत की ‘संजीवनी’

लेखक की कलम से : कोरोना पर विजय में भारत की ‘संजीवनी’

कोरोना जैसी भयंकर महामरी पर विजय पाने की दिशा में भारत ने दुनिया को मानों संजीवनी बूटी ही दे दी है। निश्चित रूप से भारत पूरे विश्व के लिए एक मिसाल बन चुका है। हमारे देश में बनी वैक्सीन दुनिया के कई देशों में जा रही है। यही वजह है कि आज दुनिया के तमाम बड़े देश भारत के इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं।

26-Jan-2021

नेताजी से मिलती भारत के मजदूर आँदोलन को ताकत और उर्जा

नेताजी से मिलती भारत के मजदूर आँदोलन को ताकत और उर्जा

आजाद हिंद फौज के संस्थापक और भारत की स्वतंत्रता आन्दोलन में अहम नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस सिर्फ स्वाधीनता सेनानी ही नहीं थे। नेताजी देश के उन महान नेताओं में से थे जिनका देश का हर इंसान सम्मान करता है।

22-Jan-2021

लेखक की कलम से : वीर सावरकर भाजपा के दोस्त, कांग्रेस के दुश्मन 

लेखक की कलम से : वीर सावरकर भाजपा के दोस्त, कांग्रेस के दुश्मन 

किसी राष्ट्र का इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि देश की आजादी दिलाने वाले नायकों पर ही सियासत शुरू हो जाए। देश को आजाद कराने के लिए दिए गए उनके बलिदान को थोथा साबित कर दिया जाए और यह सब इस लिए किया जाए जिससे कुछ लोगों की न केवल सियासत चमकती रहे बल्कि उनके पूर्वजों का कद भी ऊंचा रहे, जिन्होंने कभी भी आजादी की लड़ाई में अपना योगदान देने की बात बढ़-चढ़कर प्रचारित-प्रसारित करने का कोई मौका नहीं छोड़ा।

21-Jan-2021

लेखक की कलम से: मन्दिर निर्माण से राम राज्य रूपी राष्ट्र निर्माण की ओर

लेखक की कलम से: मन्दिर निर्माण से राम राज्य रूपी राष्ट्र निर्माण की ओर

अयोध्या में भव्य मन्दिर निर्माण को लेकर निधि समर्पण अभियान प्रारम्भ हो चुका है और लोग इसमें अपने सामर्थ्य से अधिक योगदान भी कर रहे है।

20-Jan-2021

लेखक की कलम से: सामाजिक समीकरण साधने में नाकाम योगी पर आलकमान को नहीं है पूरा भरोसा

लेखक की कलम से: सामाजिक समीकरण साधने में नाकाम योगी पर आलकमान को नहीं है पूरा भरोसा

उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधान सभा चुनाव होने हैं। बीजेपी सत्ता में रिटर्न होगी या फिर हमेशा की तरह यूपी के मतदाता इस बार भी बदलाव की बयार बहाने की परम्परा को कायम रखेंगे ?

18-Jan-2021

...तो अब विकास का साथ देने को तैयार बंगाल का वोटर?

...तो अब विकास का साथ देने को तैयार बंगाल का वोटर?

कोलकता में एक तरह का डर और बेचैनी का माहौल है। आप किसी चाय की दुकान में खड़े होकर पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों के बारे में किसी स्थानीय बंगबंधु से पूछिए। वह आशंका जताएगा कि चुनावों के पहले राज्य में भारी हिंसा हो सकती है।

15-Jan-2021

लेखक की कलम से : क्यों भारत में धनी होना हो गया है अपराध

लेखक की कलम से : क्यों भारत में धनी होना हो गया है अपराध

मुंबई में आप पिरोजशा गोदरेज मार्ग देख सकते हैं। वे कोई राजनेता, लेखक, स्वाधीनता सेनानी या कवि नहीं थे। हमारे यहां पर आमतौर इन्हीं लोगों के नामों पर सड़कों, स्टेडियमों, पार्कों वगैरह के नाम रखे जाते हैं। गोदरेज का संबंध गोदरेज उद्योग घराने से था।

13-Jan-2021

लेखक की कलम से : चौक-चौराहों से, गाॅव-चौपालों की ओर बढ़ती भाजपा  

लेखक की कलम से : चौक-चौराहों से, गाॅव-चौपालों की ओर बढ़ती भाजपा  

भारतीय जनता पार्टी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। 1980 में गठन के बाद 1984 लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीतने वाली बीजेपी के आज तीन सौ से अधिक सांसद हैं। कई राज्यों में उसकी सरकारे हैं,लेकिन बीजेपी आज भी सर्वमान्य पार्टी नहीं बन पाई है।

13-Jan-2021

लेखक की कलम से : प्रणव दा और बिल गेट्स ने किसकी कर दी बोलती बंद

लेखक की कलम से : प्रणव दा और बिल गेट्स ने किसकी कर दी बोलती बंद

देश के मृतप्राय: से हो चुके विपक्ष और उनके समर्थकों को पिछले दिनों एक के बाद दो करारे झटके लगे। ये झटके वैसे पूरे विश्व के लिये अप्रत्याशित थे। इसलिए इन झटकों से विपक्ष अचानक पक्षाघात पीड़ित मरीज की तरह परेशान हैं।

10-Jan-2021

लेखक की कलम से: क्यों मुबई जाकर जरूर देखें उस योद्धा की प्रतिमा

लेखक की कलम से: क्यों मुबई जाकर जरूर देखें उस योद्धा की प्रतिमा

आप मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से मरीन ड्राइव होते हुए ब्रांद्रा और जुहू की तरफ बढ़ते हैं। तब शुरू में ही, आप सड़क के बायीं तरफ एक धड़ प्रतिमा को देखते हैं।

07-Jan-2021

कैसे होता है काला जादू, बीमार रहने लगता है इंसान और फिर...

कैसे होता है काला जादू, बीमार रहने लगता है इंसान और फिर...

अक्सर लोग काला जादू का नाम सुनते है तो सबसे पहले अजमेर, बंगाल जैसी जगहों के नाम दिमाग में आते है। लोग इसका नाम सुनते ही डरने लगते है लेकिन आपको बता दें कि काली शक्तियों का प्रतीक काले जादू को मानते हैं।

24-Dec-2020

लेखक की कलम से : एएमयू कब उतारेगा दरभंगा महाराज का कर्ज

लेखक की कलम से : एएमयू कब उतारेगा दरभंगा महाराज का कर्ज

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के शताब्दी समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करके एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने एक तरह से देश के मुसलमानों का आहवान किया कि वे देश की मुख्यधारा से अपने को जोड़ें।

24-Dec-2020