शराब पीते ही लोग क्यों बोलने लग जाते हैं अंग्रेजी? जानिए इसके पीछे की ये बड़ी वजह...

वैसे तो शराब पीना सेहत के लिए हानीकारक होता है। शराब का नशा ऐसा नशा होता है कि बड़े बड़े सेलिब्रेटी तक सड़कों पर आकर अजीबो गरीब हरकते करने लग जाते है। फिर तो समान्य आदमी की बात ही अलग है।

09-May-2021

लेखक की कलम से : पहचानिए किसानों के फर्जी मित्रों को

लेखक की कलम से : पहचानिए किसानों के फर्जी मित्रों को

सरकार उन पर विचार भी कर रही है। पर इस आंदोलन को समर्थन कुछ वे जाने-माने लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने इनके बारे में पहले कभी नहीं सोचा और यदि सोचा तो अबतक नहीं बोला।

16-Dec-2020

मंदिर निर्माण : विहिप करोड़ों रामभक्तों के घर जाकर जुटाएगा पैसा

मंदिर निर्माण : विहिप करोड़ों रामभक्तों के घर जाकर जुटाएगा पैसा

पांच सौ वर्षो के लम्बे और थका देने वाले इंतजार के बाद प्रभु राम के जन्म स्थल अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। यह हर हिन्दू का सौभाग्य है जो प्रभु राम का मंदिर निर्माण होते देखेगा, वर्ना न जानें हमारी-आपकी कितनी पीढ़िया यह सपना पाले हुए दुनिया से विदा हो गईं।

14-Dec-2020

लेखक की कलम से : संसद के भूमि पूजन से परेशान शैतान

लेखक की कलम से : संसद के भूमि पूजन से परेशान शैतान

एक बात समझ ही ली जानी चाहिए कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह कदापि नहीं होता है कि कोई देश अपनी धार्मिक परम्पराओं और सांस्कृतिक आस्थाओं को छोड़ दें। यह तो असंभव सी बात है।

14-Dec-2020

लेखक की कलम से : अपनी गिरेबान में झांक लें कनाडा के प्रधानमंत्री

लेखक की कलम से : अपनी गिरेबान में झांक लें कनाडा के प्रधानमंत्री

आजकल मुख्य रूप से पंजाब और थोड़े बहुत हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश की एक भीड़ ने किसानों के आन्दोलन के नाम पर राजधानी दिल्ली में डेरा जमाया हुआ है। इनकी अपनी कुछ मांगें हैं। इन्हें अपनी बात रखने या मांगें मनवाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने का तो पूरा अधिकार प्राप्त है। सरकार भी आंदोलनकारी किसानों से बात कर रही है।

10-Dec-2020

लेखक की कलम से : चाचा-भतीजे के बीच ‘पिसता’ मुलायम का समाजवाद

लेखक की कलम से : चाचा-भतीजे के बीच ‘पिसता’ मुलायम का समाजवाद

घर का झगड़ा अगर घर के भीतर सुलझने की बजाए बाहर आ जाए तो जगहंसाई के अलावा कुछ नहीं हासिल होता है.  बस फर्क इतना है कि जब आम आदमी के घर-परिवार में झगड़ा होता है इसकी चर्चा कम होती है,लेकिन जब यही झगड़ा किसी बड़ी हस्ती के वहां छिड़ता है तो सब लोग तमाशा देखते हैं.

10-Dec-2020

लेखक की कलम से : यह किसानों नहीं, साजिशों का भारत बंद है

लेखक की कलम से : यह किसानों नहीं, साजिशों का भारत बंद है

मोदी विरोधियों ने एक बार फिर अपनी ओछी सियासत चमकाने के लिए 08 दिसंबर को ‘भारत बंद’ का एलान किया है,जो विपक्ष सीधे तौर पर मोदी और भाजपा का मुकाबला नहीं कर पा रहा है,वह ओछे हथकंडे अपना कर देश का बेड़ागर्द करने में लगा।

07-Dec-2020

लेखक की कलम से : अब शिक्षक संघ नहीं, सियासी दल करेंगे शिक्षकों की रहनुमाई

लेखक की कलम से : अब शिक्षक संघ नहीं, सियासी दल करेंगे शिक्षकों की रहनुमाई

भारतीय जनता पार्टी ने सियासत का तौर-तरीका ही बदल दिया है। अब पार्टी घिसे-पिटे मापदंडों पर नहीं चलती है। बल्कि उसका सारा फोकस इस बात पर रहता है सभी क्षेत्रों में कैसे पार्टी का जनाधार बढ़ाया जाए।

07-Dec-2020

लेखक की कलम से : इरादे क्या थे उमर खालिद-शेहला रशीद के

लेखक की कलम से : इरादे क्या थे उमर खालिद-शेहला रशीद के

कुछ हफ्ते पहले ही राजधानी के अखबारों में तिहाड़ जेल की तरफ जाते हुए दिल्ली में इस साल के शुरू में भड़के दंगों के मुख्य अभियुक्त उमर खालिद के माता-पिता और बहन को दिखाया गया था। सच में उस चित्र को देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान का मन उदास हो गया था कि किस तरह से एक पुत्र के कुकृत्यों के कारण उसके पूरे परिवार वाले धक्के खाते फिरते हैं।

07-Dec-2020

लेखक की कलम से : कोरोना की दूसरी लहरःसतर्कता से ही टलेगा खतरा

लेखक की कलम से : कोरोना की दूसरी लहरःसतर्कता से ही टलेगा खतरा

कोरोना का संकट फिर से गहराने लगा है। वजह मौसम में बदलाव और तीज-त्योहार एवं शादी-ब्याह के मौके पर लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही दोनों ही हैं। करीब 90 प्रतिशत आबादी द्वारा कहीं न कहीं न तो दो गज की दूरी का ख्याल रखा जा रहा है न मास्क है जरूरी यह बात समझी जा रही है।

24-Nov-2020

लेखक की कलम से : किसे चाहिए अखिल भारतीय मुस्लिम पार्टी

लेखक की कलम से : किसे चाहिए अखिल भारतीय मुस्लिम पार्टी

बिहार विधान सभा के चुनावों पर न जाने क्यों देश के कथित सेक्युलरवादियों की खास नजरें थीं। वे महागठबंधन के हक में लगातार ही हर प्रकार से लिख -बोल रहे थे। पर उनका अफसोस यह रहा कि नतीजे उनके मन माफिक नहीं आए।

24-Nov-2020

लेखक की कलम से : ब्रिक्स को कमजोर करता चीन

लेखक की कलम से : ब्रिक्स को कमजोर करता चीन

दुनिया भर में आतंकवाद से लड़ने के मामले में भारत को छोड़कर शेष ब्रिक्स देशों की लुंजपुंज नीति इसकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े करती है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए दुनियाभर में आतंकवाद के बढ़ते खतरों पर अपनी चिंता जताते हुए संकेतों में ही सही चीन और पाकिस्तान को आडें हाथों लेने में कोई कसर नहीं छोड़ी ।

20-Nov-2020

लेखक की कलम से : देश को चाहिए प्रेमजी, सानिया, बख्त अब्दुल कलाम जैसे मुसलमान

लेखक की कलम से : देश को चाहिए प्रेमजी, सानिया, बख्त अब्दुल कलाम जैसे मुसलमान

कभी-कभी मुझे इस बात की हैरानी होती है कि क्यों हमारे ही देश के मुसलमानों का एक बड़ा तबका नकारात्मक सोच का शिकार हो चुका है? इन्हें फ्रांस में गला काटने वाले के हक में तो बढ़-चढ़कर बोलना होता है, पर ये मोजम्बिक में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा दर्जनों मासूम लोगों का जब कत्लेआम होता है तब ये चुप रहते हैं।

16-Nov-2020

लेखक की कलम से : बिहार में राम मंदिर-सुशासन भारी पड़ा सब पर

लेखक की कलम से : बिहार में राम मंदिर-सुशासन भारी पड़ा सब पर

बिहार में राष्ट्रीय जनतात्रिक गठबंधन (एनडीए) को विधान सभा चुनावों में मिली सफलता ने तो यह सिद्ध कर ही दिया कि अब बिहार की 12 करोड़ प्रबुद्ध जनता लालू-राब़ड़ी देवी के जंगलराज में फिर से वापस जाने के लिए तैयार नहीं है।

13-Nov-2020

फिर आने वाली कोई बड़ी आपदा, केदारनाथ से ज्यादा भयानक होगा मंज़र !

फिर आने वाली कोई बड़ी आपदा, केदारनाथ से ज्यादा भयानक होगा मंज़र !

लद्दाख जाना लोगों का सपना होता है, वहां की खूबसूरती वादियां हर किसी को लुभाती हैं, लेकिन क्या हो अगर इस खूबसूरत नज़ारे को किसी की नज़र लग जाए तो

10-Nov-2020

राष्ट्रपति कोई बने, भारत-अमेरिका तो रहेंगे करीब ही

राष्ट्रपति कोई बने, भारत-अमेरिका तो रहेंगे करीब ही

अब तो लगभग यह निश्चित सा यही लग रहा है कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस के दिन अब पूरे हो गए हैं। वे फिर से राष्ट्रपति पद पर आसीन नहीं हो सकेंगे।

07-Nov-2020

लेखक की कलम से: फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

लेखक की कलम से: फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

अब यह तो सरासर ज्यादती ही कही जाएगी I कि भारत से हजारों मील दूर फ्रांस में सरकार और कठमुल्लों के बीच चल रही तनातनी के खिलाफ भारत के मुसलमानों का एक वर्ग भी आग बबूला हो उठे ।

03-Nov-2020

 लेखक की कलम से : यूपी : उप-चुनाव नतीजे तय करेंगे 2022 की सियासी जमीन

लेखक की कलम से : यूपी : उप-चुनाव नतीजे तय करेंगे 2022 की सियासी जमीन

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों के उप-चुनाव के लिए मतदान कल यानी 03 नवंबर को होगा। दस को नतीजे आ जाएंगे।संभवता करीब डेढ़ वर्ष बात होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पूर्व यह अंतिम उप-चुनाव होगा.

02-Nov-2020

 लेखक की कलम से : फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

लेखक की कलम से : फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

भारत से हजारों मील दूर फ्रांस में सरकार और कठमुल्लों के बीच चल रही तनातनी के खिलाफ भारत के मुसलमानों का एक वर्ग भी आग बबूला हो उठे ।

02-Nov-2020