अगर आपके मोबाइल में हो गया है स्टोरेज फुल तो ना लें टेंशन, करें ये काम फोन हो जाएगा खाली

मोबाइल वर्तमान में हमारी लाइफ का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। घर से लेकर दफ्तर तक और पढ़ाई से लेकर एंटरटेनमेंट तक सभी काम अब मोबाइल से हो रहे हैं।

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लेखक की कलम से : क्यों भारत में धनी होना हो गया है अपराध

लेखक की कलम से : क्यों भारत में धनी होना हो गया है अपराध

मुंबई में आप पिरोजशा गोदरेज मार्ग देख सकते हैं। वे कोई राजनेता, लेखक, स्वाधीनता सेनानी या कवि नहीं थे। हमारे यहां पर आमतौर इन्हीं लोगों के नामों पर सड़कों, स्टेडियमों, पार्कों वगैरह के नाम रखे जाते हैं। गोदरेज का संबंध गोदरेज उद्योग घराने से था।

13-Jan-2021

लेखक की कलम से : चौक-चौराहों से, गाॅव-चौपालों की ओर बढ़ती भाजपा  

लेखक की कलम से : चौक-चौराहों से, गाॅव-चौपालों की ओर बढ़ती भाजपा  

भारतीय जनता पार्टी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। 1980 में गठन के बाद 1984 लोकसभा चुनाव में दो सीटें जीतने वाली बीजेपी के आज तीन सौ से अधिक सांसद हैं। कई राज्यों में उसकी सरकारे हैं,लेकिन बीजेपी आज भी सर्वमान्य पार्टी नहीं बन पाई है।

13-Jan-2021

लेखक की कलम से : प्रणव दा और बिल गेट्स ने किसकी कर दी बोलती बंद

लेखक की कलम से : प्रणव दा और बिल गेट्स ने किसकी कर दी बोलती बंद

देश के मृतप्राय: से हो चुके विपक्ष और उनके समर्थकों को पिछले दिनों एक के बाद दो करारे झटके लगे। ये झटके वैसे पूरे विश्व के लिये अप्रत्याशित थे। इसलिए इन झटकों से विपक्ष अचानक पक्षाघात पीड़ित मरीज की तरह परेशान हैं।

10-Jan-2021

लेखक की कलम से: क्यों मुबई जाकर जरूर देखें उस योद्धा की प्रतिमा

लेखक की कलम से: क्यों मुबई जाकर जरूर देखें उस योद्धा की प्रतिमा

आप मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया से मरीन ड्राइव होते हुए ब्रांद्रा और जुहू की तरफ बढ़ते हैं। तब शुरू में ही, आप सड़क के बायीं तरफ एक धड़ प्रतिमा को देखते हैं।

07-Jan-2021

कैसे होता है काला जादू, बीमार रहने लगता है इंसान और फिर...

कैसे होता है काला जादू, बीमार रहने लगता है इंसान और फिर...

अक्सर लोग काला जादू का नाम सुनते है तो सबसे पहले अजमेर, बंगाल जैसी जगहों के नाम दिमाग में आते है। लोग इसका नाम सुनते ही डरने लगते है लेकिन आपको बता दें कि काली शक्तियों का प्रतीक काले जादू को मानते हैं।

24-Dec-2020

लेखक की कलम से : एएमयू कब उतारेगा दरभंगा महाराज का कर्ज

लेखक की कलम से : एएमयू कब उतारेगा दरभंगा महाराज का कर्ज

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के शताब्दी समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करके एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने एक तरह से देश के मुसलमानों का आहवान किया कि वे देश की मुख्यधारा से अपने को जोड़ें।

24-Dec-2020

लेखक की कलम से : बड़े दिन पर ‘पैदल’ हो जाएगी ‘गाॅव की सरकार’ विपक्ष नहीं चाहता पंचायत चुनाव में ‘बदलाव की बयार’

लेखक की कलम से : बड़े दिन पर ‘पैदल’ हो जाएगी ‘गाॅव की सरकार’ विपक्ष नहीं चाहता पंचायत चुनाव में ‘बदलाव की बयार’

उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। नये प्रधान कब तक चुने जाएंगे,इसको लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले 31 मार्च तक पंचायत चुनाव कराये जाने का आदेश दे दिया हो,लेकिन 31 मार्च तक चुनाव हो पाएंगे ऐसा लगता नहीं है।

24-Dec-2020

लेखक की कलम से : करो आंदोलन, बख्शों सड़कों को

लेखक की कलम से : करो आंदोलन, बख्शों सड़कों को

किसी भी लोकतांत्रिक देश में नागरिकों को अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन करने का अधिकार मिलता ही है. यह अधिकार मिलना भी चाहिये और यही लोकतंत्र की आत्मा है. यह जरूरी नहीं कि हर एक नागरिक सऱकार के हरेक फैसले से खुश हों.

23-Dec-2020

आज अंतरिक्ष में दिखेगा सबसे अद्भुत नजारा, 800 साल बाद सबसे लंबी होगी रात

आज अंतरिक्ष में दिखेगा सबसे अद्भुत नजारा, 800 साल बाद सबसे लंबी होगी रात

वैज्ञानिकों के अनुसार आज यानि 21 दिसंबर की रात सबसे लंबी रात होगी। बताया जा रहा है कि ऐसा करीब 800 साल बाद होगा। दुनिया के तमाम खगोल वैज्ञानिकों की नजरें आज अंतरिक्ष में टिकी होगी।

21-Dec-2020

लेखक की कलम से : पंचायत चुनाव जीत कर योगी प्रदेश के किसानों से नये कृषि कानून पर लगवाएंगे ‘मोहर’

लेखक की कलम से : पंचायत चुनाव जीत कर योगी प्रदेश के किसानों से नये कृषि कानून पर लगवाएंगे ‘मोहर’

एक तरफ सियासत में उलझे,लेकिन अपने आप को किसानों का मसीहा बताने वाले कुछ किसान मोदी सरकार द्वारा लाया गया नया कृषि कानून रद्द कराने को लेकर आंदोलनरत् हैं तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी को कई राज्यों में हुए पंचायत चुनाव में शानदार जीत हासिल करना काफी कुछ कहता है।

16-Dec-2020

लेखक की कलम से : पहचानिए किसानों के फर्जी मित्रों को

लेखक की कलम से : पहचानिए किसानों के फर्जी मित्रों को

सरकार उन पर विचार भी कर रही है। पर इस आंदोलन को समर्थन कुछ वे जाने-माने लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने इनके बारे में पहले कभी नहीं सोचा और यदि सोचा तो अबतक नहीं बोला।

16-Dec-2020

मंदिर निर्माण : विहिप करोड़ों रामभक्तों के घर जाकर जुटाएगा पैसा

मंदिर निर्माण : विहिप करोड़ों रामभक्तों के घर जाकर जुटाएगा पैसा

पांच सौ वर्षो के लम्बे और थका देने वाले इंतजार के बाद प्रभु राम के जन्म स्थल अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनने जा रहा है। यह हर हिन्दू का सौभाग्य है जो प्रभु राम का मंदिर निर्माण होते देखेगा, वर्ना न जानें हमारी-आपकी कितनी पीढ़िया यह सपना पाले हुए दुनिया से विदा हो गईं।

14-Dec-2020

लेखक की कलम से : संसद के भूमि पूजन से परेशान शैतान

लेखक की कलम से : संसद के भूमि पूजन से परेशान शैतान

एक बात समझ ही ली जानी चाहिए कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब यह कदापि नहीं होता है कि कोई देश अपनी धार्मिक परम्पराओं और सांस्कृतिक आस्थाओं को छोड़ दें। यह तो असंभव सी बात है।

14-Dec-2020

लेखक की कलम से : अपनी गिरेबान में झांक लें कनाडा के प्रधानमंत्री

लेखक की कलम से : अपनी गिरेबान में झांक लें कनाडा के प्रधानमंत्री

आजकल मुख्य रूप से पंजाब और थोड़े बहुत हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश की एक भीड़ ने किसानों के आन्दोलन के नाम पर राजधानी दिल्ली में डेरा जमाया हुआ है। इनकी अपनी कुछ मांगें हैं। इन्हें अपनी बात रखने या मांगें मनवाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने का तो पूरा अधिकार प्राप्त है। सरकार भी आंदोलनकारी किसानों से बात कर रही है।

10-Dec-2020

लेखक की कलम से : चाचा-भतीजे के बीच ‘पिसता’ मुलायम का समाजवाद

लेखक की कलम से : चाचा-भतीजे के बीच ‘पिसता’ मुलायम का समाजवाद

घर का झगड़ा अगर घर के भीतर सुलझने की बजाए बाहर आ जाए तो जगहंसाई के अलावा कुछ नहीं हासिल होता है.  बस फर्क इतना है कि जब आम आदमी के घर-परिवार में झगड़ा होता है इसकी चर्चा कम होती है,लेकिन जब यही झगड़ा किसी बड़ी हस्ती के वहां छिड़ता है तो सब लोग तमाशा देखते हैं.

10-Dec-2020

लेखक की कलम से : यह किसानों नहीं, साजिशों का भारत बंद है

लेखक की कलम से : यह किसानों नहीं, साजिशों का भारत बंद है

मोदी विरोधियों ने एक बार फिर अपनी ओछी सियासत चमकाने के लिए 08 दिसंबर को ‘भारत बंद’ का एलान किया है,जो विपक्ष सीधे तौर पर मोदी और भाजपा का मुकाबला नहीं कर पा रहा है,वह ओछे हथकंडे अपना कर देश का बेड़ागर्द करने में लगा।

07-Dec-2020

लेखक की कलम से : अब शिक्षक संघ नहीं, सियासी दल करेंगे शिक्षकों की रहनुमाई

लेखक की कलम से : अब शिक्षक संघ नहीं, सियासी दल करेंगे शिक्षकों की रहनुमाई

भारतीय जनता पार्टी ने सियासत का तौर-तरीका ही बदल दिया है। अब पार्टी घिसे-पिटे मापदंडों पर नहीं चलती है। बल्कि उसका सारा फोकस इस बात पर रहता है सभी क्षेत्रों में कैसे पार्टी का जनाधार बढ़ाया जाए।

07-Dec-2020