लेखक की कलम से : देश को चाहिए प्रेमजी, सानिया, बख्त अब्दुल कलाम जैसे मुसलमान

लेखक की कलम से : देश को चाहिए प्रेमजी, सानिया, बख्त अब्दुल कलाम जैसे मुसलमान

कभी-कभी मुझे इस बात की हैरानी होती है कि क्यों हमारे ही देश के मुसलमानों का एक बड़ा तबका नकारात्मक सोच का शिकार हो चुका है? इन्हें फ्रांस में गला काटने वाले के हक में तो बढ़-चढ़कर बोलना होता है, पर ये मोजम्बिक में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा दर्जनों मासूम लोगों का जब कत्लेआम होता है तब ये चुप रहते हैं।

16-Nov-2020

लेखक की कलम से : बिहार में राम मंदिर-सुशासन भारी पड़ा सब पर

लेखक की कलम से : बिहार में राम मंदिर-सुशासन भारी पड़ा सब पर

बिहार में राष्ट्रीय जनतात्रिक गठबंधन (एनडीए) को विधान सभा चुनावों में मिली सफलता ने तो यह सिद्ध कर ही दिया कि अब बिहार की 12 करोड़ प्रबुद्ध जनता लालू-राब़ड़ी देवी के जंगलराज में फिर से वापस जाने के लिए तैयार नहीं है।

13-Nov-2020

फिर आने वाली कोई बड़ी आपदा, केदारनाथ से ज्यादा भयानक होगा मंज़र !

फिर आने वाली कोई बड़ी आपदा, केदारनाथ से ज्यादा भयानक होगा मंज़र !

लद्दाख जाना लोगों का सपना होता है, वहां की खूबसूरती वादियां हर किसी को लुभाती हैं, लेकिन क्या हो अगर इस खूबसूरत नज़ारे को किसी की नज़र लग जाए तो

10-Nov-2020

राष्ट्रपति कोई बने, भारत-अमेरिका तो रहेंगे करीब ही

राष्ट्रपति कोई बने, भारत-अमेरिका तो रहेंगे करीब ही

अब तो लगभग यह निश्चित सा यही लग रहा है कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस के दिन अब पूरे हो गए हैं। वे फिर से राष्ट्रपति पद पर आसीन नहीं हो सकेंगे।

07-Nov-2020

लेखक की कलम से: फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

लेखक की कलम से: फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

अब यह तो सरासर ज्यादती ही कही जाएगी I कि भारत से हजारों मील दूर फ्रांस में सरकार और कठमुल्लों के बीच चल रही तनातनी के खिलाफ भारत के मुसलमानों का एक वर्ग भी आग बबूला हो उठे ।

03-Nov-2020

 लेखक की कलम से : यूपी : उप-चुनाव नतीजे तय करेंगे 2022 की सियासी जमीन

लेखक की कलम से : यूपी : उप-चुनाव नतीजे तय करेंगे 2022 की सियासी जमीन

उत्तर प्रदेश की सात विधानसभा सीटों के उप-चुनाव के लिए मतदान कल यानी 03 नवंबर को होगा। दस को नतीजे आ जाएंगे।संभवता करीब डेढ़ वर्ष बात होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव से पूर्व यह अंतिम उप-चुनाव होगा.

02-Nov-2020

 लेखक की कलम से : फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

लेखक की कलम से : फ्रांस में निर्दोषों का गला काटने वालों का भारत में साथ देनेवाले कौन

भारत से हजारों मील दूर फ्रांस में सरकार और कठमुल्लों के बीच चल रही तनातनी के खिलाफ भारत के मुसलमानों का एक वर्ग भी आग बबूला हो उठे ।

02-Nov-2020

लेखक की कलम से :  चुनावी मौसम में यूपी-बिहार बार्डर पर शराब माफियाओं की सरगर्मी तेज

लेखक की कलम से : चुनावी मौसम में यूपी-बिहार बार्डर पर शराब माफियाओं की सरगर्मी तेज

बिहार में शराब और हथियार दोनों की ही मांग तेज हुई तो यूपी के शराब माफिया मौके का फायदा उठाने के लिए मैदान में कूद पडे़।

26-Oct-2020

लेखक की कलम से : जम्मू-कश्मीर में नजरबंदी के बाद राजनीतिक सक्रियता  

लेखक की कलम से : जम्मू-कश्मीर में नजरबंदी के बाद राजनीतिक सक्रियता  

जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी ताकतें सक्रिय हो गई हैं। उन्हें चीन और पाकिस्तान से बढ़ावा मिल रहा है। नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला के बयान कमोबेश यही संकेत देते हैं।

26-Oct-2020

लेखक की कलम से : भारत के ब्रांड एंबेसेडर ही बने रहे भारतवंशी तो बेहतर

लेखक की कलम से : भारत के ब्रांड एंबेसेडर ही बने रहे भारतवंशी तो बेहतर

न्यूजीलैंड के आम चुनाव में जैसिंडा आर्डर्न की लेबर पार्टी विजय रही है। उसे 49.1% वोट मिले हैं, जो कि करीब 64 संसद सीटों में तब्दील होंगे। 1946 के बाद से यह लेबर पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन है।

24-Oct-2020

 लेखक की कलम से : कश्मीर में खुराफात करने वालों बाज आओ

लेखक की कलम से : कश्मीर में खुराफात करने वालों बाज आओ

जम्मू-कश्मीर के नज़रबंद नेताओं ने रिहा होते ही फिर से अपनी पुरानी खुऱाफात चालू कर दी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूख अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती, उमर अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ़्रेंस, माकपा तथा जम्मू-कश्मीर अवामी नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेताओं ने हाल ही में यह मांग कर दी कि भारत सरकार राज्य के लोगों को वो सारे अधिकार फिर से वापस लौटाए जो पाँच अगस्त 2019 से पहले उनको हासिल थे। मतलब यह कि वे यह चाहते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 370 की पुनः बहाली हो जो संसद के दोनों सदनों ने रद्द कर दिया है, ताकि ये मौज कर सकें।

20-Oct-2020

लेखक की कलम से : देश के बडे़ दलित नेताओं में गिने जाते थे पासवान

लेखक की कलम से : देश के बडे़ दलित नेताओं में गिने जाते थे पासवान

रामविलास पासवान के रूप में भारतीय राजनीति का और बड़ा दलित सितारा ‘बुझ’ गया। बिहार में पिछले आधे दशक से बाबू जगजीवन राम के बाद यदि कोई दलित चेहरा चमकता रहा, वो रामविलास पासवान ही थे।

09-Oct-2020

लेखक की कलम से : कब बिहार में टाटा, रिलायंस, इंफोसिस भी करेंगे निवेश

लेखक की कलम से : कब बिहार में टाटा, रिलायंस, इंफोसिस भी करेंगे निवेश

बिहार एक बार फिर से चुनावी समर के लिए तैयार है। राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेताओं का जनसंपर्क अभियान जारी है । अब जल्दी ही वहां चुनावी सभाएं भी चालू हो जाएंगी।

08-Oct-2020

लेखक की कलम से : लाखों बिजली कर्मियों की हड़ताल से यूपी बदहाल

लेखक की कलम से : लाखों बिजली कर्मियों की हड़ताल से यूपी बदहाल

निजीकरण के विरोध में करीब 15 लाख बिजली कर्मियों की अनिश्चित कालीन हड़ताल ने योगी सरकार को हिला कर रख दिया है। इन कर्मचारियों में जूनियर इंजीनियर, उप-विभागीय अधिकारी, कार्यकारी इंजीनियर और अधीक्षण अभियंता शामिल हैं। बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लिया तो बिजली कर्मी अपना आंदोलन और तेज करेंगे।

06-Oct-2020