नई दिल्ली : रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग गहराती जा रही है. युद्ध अब ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने के चरण में पहुंच गया है. अब यूक्रेन ने रूस के नियंत्रण वाले लुहांस्क क्षेत्र में स्थित 'बिलोरिचेन्स्का' कोयला खदान पर हमला किया है. इस हमले की वजह से 41 खनिक जमीन के अंदर ही फंस गए हैं.
रूस के नियुक्त क्षेत्रीय प्रमुख लियोनिद पासेचनिक ने सोमवार को इस घटना की पुष्टि की. उन्होंने बताया कि हमले की वजह से खदान की बिजली गुल हो गई, जिससे लिफ्ट और वेंटिलेशन सिस्टम प्रभावित हुए हैं.
पासेचनिक ने कहा, 'सभी संबंधित सेवाएं खनिकों को बचाने और खदान में बिजली बहाल करने के लिए कदम उठा रही हैं.'
जमीन के नीचे फंसे 41 खनिकों के साथ संपर्क स्थापित कर लिया गया है. ये राहत की बात है कि सभी खनिक सुरक्षित हैं और उनके पास पीने के पानी की सप्लाई भी मौजूद है. बचाव दल अब बिजली सबस्टेशन की मरम्मत करने और खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हुए हैं.
पिछले कई महीनों से रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे के आर्थिक और ऊर्जा संसाधनों पर हमले तेज कर रहे हैं. लुहांस्क, डोनबास क्षेत्र का हिस्सा है और ये लंबे समय से इस युद्ध का निशाना रहा है.




