नई दिल्ली : खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सत्र न्यायाधीश बी. एन. इचपुरानी की अदालत ने खरात को 14 अप्रैल तक जेल भेजने का आदेश दिया है. अब उसे नासिक रोड सेंट्रल जेल में रखा जाएगा.
अशोक खरात को 18 मार्च को उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब 35 वर्षीय एक महिला ने उस पर तीन साल तक लगातार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था. गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ कई अन्य महिलाओं ने भी दुष्कर्म और शोषण की शिकायतें दर्ज कराईं. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है.
बुधवार को पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद खरात को अदालत में पेश किया गया, जहां एसआईटी ने उसकी न्यायिक हिरासत की मांग की. कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए उसे जेल भेज दिया. जानकारी के मुताबिक, खरात को गुरुवार को एक अन्य मामले में भी अदालत में पेश किया जाएगा.
अब तक नासिक के सरकारवाड़ा थाने में उसके खिलाफ कम से कम 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से आठ यौन शोषण और दुष्कर्म से जुड़ी हैं, जबकि दो मामले धोखाधड़ी के हैं. इसके अलावा एसआईटी को फोन के जरिए 100 से अधिक शिकायतें भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
जांच के दौरान बुधवार को एसआईटी की टीम ने खरात के बेटे हर्षवर्धन खरात को कर्मयोगी नगर स्थित उनके आवास से पूछताछ के लिए हिरासत में लिया, हालांकि देर रात उसे छोड़ दिया गया. वहीं, जांच एजेंसियां उसकी पत्नी कल्पना खरात की तलाश में भी जुटी हैं, जिनका नाम अहिल्यानगर जिले में दर्ज एक धोखाधड़ी मामले में सामने आया है.
अशोक खरात नासिक के सिन्नर क्षेत्र में एक मंदिर ट्रस्ट का संचालन करता था और वर्षों से कई राजनीतिक हस्तियां भी उसके संपर्क में रही हैं. पिछले सप्ताह एसआईटी और फॉरेंसिक टीम ने उसके कार्यालय पर छापा मारकर कई दस्तावेज, फाइलें और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए थे.
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि उसके कार्यालय से 20 फीट लंबा रिमोट कंट्रोल से चलने वाला यांत्रिक सांप भी बरामद हुआ. आरोप है कि खरात इस नकली सांप का इस्तेमाल लोगों को यह विश्वास दिलाने के लिए करता था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं और वह जिंदा सांप को नियंत्रित कर सकता है. फिलहाल, इस पूरे मामले में जांच जारी है और एसआईटी अन्य पीड़ितों और सबूतों को जुटाने में लगी हुई है.