क्या आर्थिक मंदी दूर कर पायेंगे तीज और त्यौहार
हम अपने आर्थिक इतिहास के सबसे विचित्र दौर से गुज़र रहे हैं. वित्त मंत्री ने हाल ही में कहा कि इस साल भारतीय जीडीपी


हम अपने आर्थिक इतिहास के सबसे विचित्र दौर से गुज़र रहे हैं. वित्त मंत्री ने हाल ही में कहा कि इस साल भारतीय जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर 9 फ़ीसदी के आसपास रहेगी. एक सच्चाई ये भी है कि मौजूदा केंद्र सरकार अब तक की अपनी इकलौती उपलब्धि का हवाला देते हुए यही कहती रही है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है. अगर हम सरकारी बयानों पर भरोसा करें तो दुनिया भर की आर्थिक स्थिति संकट में है लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था उसमें किसी शांत द्वीप समूह की भांति स्थिर है.

बाजार का हाल...

भारत में अर्थव्यवस्था में सुधार के कुछ अहम संकेत मिल रहे हैं. लॉकडाउन के बाद सितंबर महीने में सबसे ज्यादा 95,480 करोड़ जीएसटी (वस्तु और सेवा कर) वसूली हुई है. माना जा रहा है कि जीएसटी संग्रह में सुधार से आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो रही हैं. लेकिन आर्थिक जानकारों का कहना है कि जीएसटी वसूली में अच्छी बढ़ोतरी की वजह अक्टूबर में त्योहारी मौसम से पहले कारोबारियों के माल का स्टॉक करना भी हो सकता है. वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़े बताते हैं कि जीएसटी संग्रह सितंबर में 95,480 करोड़ रुपये रहा. यह अगस्त में 86,449 करोड़ रुपये रहा था.


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