आखिर क्या हैं सरसों का तेल डाइट में शामिल करने के फायदे?
सरसों का तेल


हमारे देश में सरसों के तेल का इस्तेमाल तकरीबन हर घर में किया जाता है। सरसों तेल हर किचन का अहम हिस्सा है और लगभग हर घर में सरसों के तेल में खाना पकाया जाता है। सदियों से इसका इस्तेमाल खाना बनाने के लिए किया जा रहा है। वैसे मार्केट में और भी कुकिंग ऑइल हैं जैसे- ऑलिव ऑइल या जैतून का तेल, रिफाइंड ऑइल, कैनोला तेल, राइस ब्रान ऑइल, वेजिटेबल ऑइल, तिल का तेल और मूंगफली का तेल।


क्यों किया जाता है सरसों के तेल का इस्तेमाल?

वैसे तो सभी तेल किसी न किसी तरह से हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं (रिफाइंड ऑइल के बारे में ये नहीं कहा जा सकता), लेकिन सरसों के तेल को कई रोगों से बचाव के लिए अहम माना जाता है।

सरसों तेल को हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए जाना जाता है। यह तेल खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करते हैं और अच्छे एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल का बैलेंस बना रहता हैं। वैसे लोग आजकल ओलिव आयल की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है ऑलिव ऑइल हमारे देश का नहीं हैं इसलिए ये हमारे शरीर के लिए इतना फायदेमंद नहीं हैं, जितना की सरसों का तेल फायदेमंद हैं।

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इसका कारण यह हैं की किसी भी देश का खान-पान वहां के भौगोलिक संरचना पर निर्भर करता हैं और वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य को वहीं चीजे फायदा पहुंचती हैं जो वह बचपन से खाते आ रहे हों। हमारे देश के भौगोलिक संरचना के हिसाब से बना सरसों का तेल हमारे पाचन क्रिया को सही रखता है।

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