रामपुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े दो मामलों में शनिवार को रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने फैसला सुनाया। एक मामले में उनकी सजा बरकरार रखी गई, जबकि दूसरे में उन्हें राहत मिली।
'तनखैया' वाले बयान केस में 2 साल की सजा बरकरार
पहला मामला आजम खान के 'तनखैया' वाले भाषण से जुड़ा है। यह भाषण उन्होंने 29 मार्च 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान दिया था। आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में भोट थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।
16 मई 2026 को निचली अदालत ने आजम खान को दोषी ठहराते हुए 2 साल की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले को आजम खान ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी।
सेशन कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी और निचली अदालत की 2 साल की सजा को बरकरार रखा।
हेट स्पीच मामले में मिली राहत
दूसरा मामला AAP प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला की शिकायत पर दर्ज हेट स्पीच केस है। आरोप था कि 29 मार्च 2019 को आजम खान ने पार्टी कार्यालय पर भड़काऊ भाषण दिया। इसके बाद 2 अप्रैल 2019 को एफआईआर दर्ज हुई थी।
इस मामले में 18 दिसंबर 2025 को निचली अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आजम खान को बरी कर दिया था। फैसल खान लाला ने इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील दायर की थी।
रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष सेशन कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा। इस मामले में आजम खान दोषमुक्त ही रहेंगे।
फिलहाल आजम खान को एक मामले में सजा बरकरार रहने से झटका लगा है, जबकि दूसरे मामले में राहत मिली है।