Green Election से बदली चुनाव की तस्वीर, डॉ. हीरा लाल सम्मानित
वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. हीरा लाल


लखनऊ : पर्यावरण संरक्षण को चुनाव प्रक्रिया से जोड़ने वाली अनूठी पहल "ग्रीन इलेक्शन" के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया। लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. हीरा लाल को यह अवॉर्ड वृक्षारोपण, वृक्ष संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त चुनाव और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। उनके नेतृत्व में यूपी के कई जिलों में चुनाव के दौरान पोस्टर-बैनर की जगह पौधे, मतदान केंद्रों पर हरियाली और मतदाताओं को पौधे उपहार देने जैसी पहलें शुरू की गईं। "लोकतंत्र और प्रकृति दोनों मजबूत हों" सम्मान मिलने के बाद डॉ. हीरा लाल ने कहा, "पर्यावरण संरक्षण सिर्फ सरकारी योजनाओं से नहीं, जनभागीदारी से ही सफल हो सकता है। ग्रीन इलेक्शन जैसी पहलें यह साबित करती हैं कि लोकतंत्र और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। जब हम मतदान के साथ पेड़ लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य भी चुनते हैं।" सामूहिक प्रयासों का सम्मान उन्होंने इस सम्मान के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया का आभार जताया और कहा कि "यह पुरस्कार मेरे अकेले का नहीं है। यह ग्रीन इलेक्शन अभियान से जुड़े सभी जिला प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। यह अवॉर्ड और अधिक लोगों को पर्यावरण के लिए काम करने की प्रेरणा देगा।" क्या है ग्रीन इलेक्शन पहल? डॉ. हीरा लाल की ग्रीन इलेक्शन पहल का उद्देश्य चुनाव को कार्बन न्यूट्रल बनाना है। इसके तहत मतदान केंद्रों पर सोलर ऊर्जा, कचरा मुक्त परिसर, थर्माकोल और प्लास्टिक पर प्रतिबंध के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। इस मॉडल की सराहना चुनाव आयोग ने भी की थी। कार्यक्रम में पर्यावरणविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भाग लिया और डॉ. हीरा लाल के प्रयासों की सराहना की। (देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते है)


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